वैज्ञानिकों ने खोजा अंतरिक्ष में ताजा दवा बनाने वाला पौधा
सैन डिएगो की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक ढूंढ निकाली है, जिससे अब अंतरिक्ष में भी पौधे दवा बना पाएंगे। यह भविष्य में चंद्रमा और मंगल पर होने वाले अंतरिक्ष अभियानों के लिए एक बड़ी सफलता है।
दरअसल, अंतरिक्ष में कॉस्मिक रेडिएशन और स्टोरेज की कमी के चलते आम दवाएं बहुत जल्दी खराब हो जाती हैं। अभी हालत यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर भेजी गई आधी से ज्यादा दवाएं तो 3 साल के भीतर ही एक्सपायर हो जाती हैं।
टीम ने किया प्लांट वायरस का इस्तेमाल
लंबे अंतरिक्ष सफर के लिए ढेर सारी दवाएं साथ ले जाने की बजाए अब अंतरिक्ष यात्री 'ब्लैक-आइड पीस' जैसे तेजी से बढ़ने वाले पौधों से जरूरत पड़ने पर ताजी दवाएं बना सकेंगे।
वैज्ञानिकों की टीम ने एक प्लांट वायरस (CPMV) का इस्तेमाल किया। इसकी मदद से ये पौधे मेडिसिनल पार्टिकल्स बनाने लगे। इसके बाद, उन्होंने पौधों को कोई नुकसान पहुंचाए बिना उस तरल पदार्थ को इकट्ठा कर लिया, जिसमें दवा बनाने वाले तत्व भरपूर मात्रा में थे। इस तरीके को उन्होंने 'सिम्युलेटेड माइक्रोग्रैविटी' में भी आजमाया।
उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि यह तकनीक वहां भी बहुत अच्छे से काम करती है, बल्कि कुछ मामलों में तो तनाव में भी इसके ज्यादा अच्छे नतीजे मिले। इस नई खोज से अंतरिक्ष यात्रियों को उनके लंबे मिशनों के दौरान सुरक्षित और टिकाऊ स्वास्थ्य सेवा मिल पाएगी।