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नासा ने आर्टेमिस-3 मिशन के रॉकेट का पहला स्टेज किया इंस्टॉल, चांद मिशन की तैयारी तेज
नासा ने आर्टेमिस-3 मिशन की तैयारी की तेज

नासा ने आर्टेमिस-3 मिशन के रॉकेट का पहला स्टेज किया इंस्टॉल, चांद मिशन की तैयारी तेज

May 12, 2026
03:30 pm

क्या है खबर?

नासा ने अगले चंद्र मिशन आर्टेमिस-3 की तैयारी तेज कर दी है। आर्टेमिस-2 मिशन पूरा होने के सिर्फ एक महीने बाद आर्टेमिस-3 के बड़े रॉकेट को फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर में जोड़ा जा रहा है। नासा ने बताया कि रॉकेट के पहले स्टेज को व्हीकल असेंबली बिल्डिंग के अंदर सीधा खड़ा कर दिया गया है। अब इसमें चार बड़े RS-25 इंजन लगाए जाएंगे। इसके बाद रॉकेट को आगे की जांच और बाकी हिस्सों से जोड़ने का काम शुरू होगा।

रॉकेट

बेहद विशाल होगा आर्टेमिस-3 रॉकेट

आर्टेमिस-3 मिशन में इस्तेमाल होने वाला SLS रॉकेट काफी बड़ा और ताकतवर है। इसका मुख्य हिस्सा करीब 212 फीट लंबा है और इसमें चार बड़े इंजन लगे होंगे। जब पूरा रॉकेट तैयार हो जाएगा, तब इसकी लंबाई करीब 322 फीट होगी। पूरी तरह ईंधन भरने के बाद इसका वजन लगभग 26 लाख किलोग्राम तक पहुंच जाएगा। नासा इस रॉकेट का इस्तेमाल भविष्य में इंसानों को चांद तक भेजने और लंबे अंतरिक्ष मिशनों के लिए करेगा।

योजना

चांद पर उतरने की योजना में बदलाव

नासा का आर्टेमिस कार्यक्रम चांद पर दोबारा इंसानों को भेजने की बड़ी योजना का हिस्सा है। पहले आर्टेमिस-3 मिशन को इंसानों की चांद पर वापसी माना जा रहा था, लेकिन मून लैंडर तैयार होने में देरी के कारण योजना बदल दी गई। अब यह मिशन सीधे चांद पर नहीं जाएगा। इसके बजाय अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की कक्षा में रहकर नए लैंडर सिस्टम के साथ डॉकिंग और दूसरे जरूरी परीक्षण करेंगे ताकि भविष्य के मिशन सुरक्षित बन सकें।

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लैंडिंग

2028 में हो सकती है पहली नई लैंडिंग

नासा 2028 में आर्टेमिस-4 मिशन के जरिए इंसानों को चांद पर उतारने की तैयारी कर रही है। इस मिशन के लिए स्पेस-X का स्टारशिप और ब्लू ओरिजन का ब्लू मून लैंडर तैयार किया जा रहा है। अगर परीक्षण सफल रहते हैं, तो इन्हीं में से किसी एक लैंडर का इस्तेमाल होगा। नासा का लक्ष्य 2030 के दशक की शुरुआत तक चांद के दक्षिणी हिस्से में स्थायी बेस बनाना है। आर्टेमिस-3 मिशन का लॉन्च 2027 के आखिर तक हो सकता है।

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ट्विटर पोस्ट

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