माइक्रोसॉफ्ट ने गिटहब पर आउटेज को रोकने के लिए AWS से मांगी मदद
माइक्रोसॉफ्ट ने अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) से मदद मांगी है, ताकि गिटहब पर बार-बार आने वाली तकनीकी दिक्कतों (आउटेज) को रोका जा सके।
दरअसल, जैसे-जैसे ज्यादा डेवलपर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, गिटहब के सर्वर बढ़ते हुए काम का दबाव झेल नहीं पा रहे हैं।
एक तरफ, जहां माइक्रोसॉफ्ट की 2027 तक अपने सभी डाटा को एज्योर पर ले जाने की योजना है, वहीं फिलहाल वे कई क्लाउड प्रोवाइडर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि प्लेटफॉर्म बढ़ते हुए ट्रैफिक को आसानी से संभाल सके।
गिटहब पर इस कारण बढ़ रहा दबाव
गिटहब की लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल आया है। कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) काइल डैगल का कहना है कि 2025 में जहां एक अरब कोड बदलाव होने का अनुमान है, वहीं 2026 तक यह संख्या बढ़कर 14 अरब तक पहुंचने की उम्मीद है।
इस बढ़ोतरी ने गिटहब के सिस्टम पर बहुत दबाव डाल दिया है, जिसकी वजह से लगातार आउटेज और धीमी गति जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
माइक्रोसॉफ्ट भले ही 2026 तक नए डाटा सेंटर्स में 190 अरब डॉलर (करीब 18,000 अरब रुपये) का बड़ा निवेश कर रही है, लेकिन जब तक यह सब तैयार नहीं हो जाता, तब तक AWS से मदद लेने से चीजें स्थिर रहेंगी और डेवलपर्स के बीच गिटहब की साख बनी रहेगी।