अब चांद पर समाान पहुंचाना होगा सस्ता, आईस्पेस और स्पेस-X के बीच हुई साझेदारी
जापान की कंपनी आईस्पेस ने अमेरिकी कंपनी स्पेस-X के साथ साझेदारी की है। इसका मकसद चंद्रमा पर सामान पहुंचाना ज्यादा सस्ता बनाना है।
इसके तहत, भविष्य में स्टारशिप रॉकेट की उड़ानों में 500 किलोग्राम कार्गो स्पेस 5 करोड़ डॉलर (करीब 450 करोड़ रुपये) में मिलेगा।
पहली चंद्र लैंडिंग 2030 तक होने का लक्ष्य रखा गया है। इस नई सर्विस को 'लूनर एक्सेस इंटीग्रेटर' नाम दिया गया है। इसमें दुनियाभर के ग्राहक स्पेस-X के रियूजेबल स्टारशिप पर एक साथ सामान भेज सकेंगे, जिससे सबका खर्चा कम हो जाएगा।
आईस्पेस की 2030 तक चांद पर 3 मिशन की योजना
आईस्पेस की एक बड़ी योजना है, जिसके तहत वह 2030 तक चंद्रमा पर 3 मिशन भेजेगा। साथ ही, कंपनी एक लूनर डिलीवरी व्हीकल भी तैयार कर रही है।
पहले के मिशनों में फॉल्कन 9 रॉकेट के जरिए चांद पर लैंडिंग की कोशिशें सफल नहीं हो पाई थीं, लेकिन आईस्पेस को उम्मीद है कि स्पेस-X के साथ हुई यह नई साझेदारी उनके काम को गति देगी।
इस साझेदारी से न केवल खर्च कम होने की संभावना है, बल्कि दुनियाभर के ज्यादा लोगों और संगठनों को चांद तक पहुंचने का अवसर भी मिलेगा।