
चंद्रयान-5 मिशन पर भारत-जापान मिलकर करेंगे काम, टोक्यो में बोले प्रधानमंत्री मोदी
क्या है खबर?
अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत और जापान एक दूसरे के प्रति सहयोग बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज टोक्यो में घोषणा की है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और जापानी अंतरिक्ष एजेंसी JAXA मिलकर चंद्रयान-5 मिशन पर काम करेंगे। इसे लूनर पोलर एक्सप्लोरेशन (LUPEX) मिशन भी कहा जाता है, जो 2027-28 में जापान के H3 रॉकेट से लॉन्च होगा और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र का अध्ययन करेगा।
उद्देश्य
मिशन का उद्देश्य और तकनीकी सहयोग
इस संयुक्त मिशन का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में पानी की बर्फ की खोज और उसका विश्लेषण करना है। मिशन में JAXA द्वारा विकसित रोवर और ISRO द्वारा विकसित लैंडर शामिल होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सहयोग दोनों देशों के उद्योगों और स्टार्टअप्स को जोड़कर नए अवसर देगा। उन्होंने इसे प्रयोगशालाओं से लेकर लॉन्च पैड और अनुसंधान से लेकर वास्तविक अनुप्रयोगों तक नवाचार का प्रवाह बताया।
अन्य
अंतरिक्ष को बताया 'अगला मोर्चा'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष भारत के लिए अगला मोर्चा है और चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता इसका प्रमाण है। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष विज्ञान का असर आम लोगों के जीवन पर भी है, चाहे वह कृषि हो, संचार हो या आपदा प्रबंधन। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि भारत-जापान का यह संयुक्त प्रयास न केवल वैज्ञानिक सीमाओं को आगे बढ़ाएगा, बल्कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में भी मदद करेगा।