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साइबर ठगी में करीब 53,000 करोड़ रुपये का नुकसान, सिर्फ 2 प्रतिशत रकम मिली वापस
साइबर धोखाधड़ी में खोई हुई धनराशि का केवल 2 प्रतिशत ही हुआ बरामद

साइबर ठगी में करीब 53,000 करोड़ रुपये का नुकसान, सिर्फ 2 प्रतिशत रकम मिली वापस

Jan 27, 2026
07:06 pm

क्या है खबर?

भारत में साइबर अपराध के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। जालसाज हजारों करोड़ रुपये की ठगी कर रहे हैं, लेकिन शिकायत के बाद केवल शिकायत के बावजूद बहुत कम रकम रिकवर हो पाती है। न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल, 2021 से नवंबर, 2025 के बीच जालसाजों ने 52,969 करोड़ रुपये की ठगी की थी, लेकिन रिकरवी 200 करोड़ रुपये भी नहीं हो पाई। इस दौरान सरकार 7,647 करोड़ रुपये ठगों तक पहुंचने से रोकने में सफल रही।

वापसी

ठगी गई रकम में से सिर्फ 2 प्रतिशत की वापसी

रिपोर्ट में बताया गया है कि चोरी हुई कुल रकम में से सिर्फ 167 करोड़ रुपये ही पीड़ितों को वापस मिल पाए हैं। यह ठगी गई रकम का लगभग 2.18 प्रतिशत है। यह आंकड़े राष्ट्रीय साइबर अपराध रिर्पोटिंग पोर्टल (NCRP) के तहत तैयार ऑपरेटिंग प्रोसीजर से सामने आए हैं। केंद्र सरकार ने माना है कि पैसा रोकने में कुछ हद तक सफलता मिली है, लेकिन पीड़ितों तक पैसा वापस पहुंचाने की प्रक्रिया अब भी काफी धीमी है।

नियम

नए नियम, बिना वजह अकाउंट फ्रीज पर रोक

सरकार ने साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए नए ऑपरेशनल नियम जारी किए हैं। इसके तहत लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि सिर्फ सही और पुख्ता शिकायतों पर ही फाइनेंशियल एक्शन लिया जाए। इसका मकसद बिना वजह बैंक अकाउंट फ्रीज होने से रोकना है। NCRP और CFCFRMS के तहत बनाए गए नए नियमों का उद्देश्य तेजी से कार्रवाई और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाना है।

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शिकायत समाधान

बैंकों से तेज कार्रवाई और शिकायत समाधान पर जोर

सरकार ने बैंकों से अपील की है कि वे NCRP के साथ API सिस्टम जोड़ें, ताकि संदिग्ध लेनदेन पर तुरंत रोक लगाई जा सके। इससे पैसा तेजी से कई अकाउंट्स में ट्रांसफर होने से रोका जा सकेगा। इसके साथ ही, अकाउंट होल्डर्स के लिए शिकायत समाधान की प्रक्रिया भी तय की गई है। अगर तय समय में समाधान नहीं होता, तो जिला और राज्य स्तर पर शिकायत आगे बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है।

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सुरक्षा

साइबर ठगी से खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

साइबर ठगी से खुद को सुरक्षित रखने के लिए सतर्कता ही सबसे सही तरीका है। किसी भी अनजान नंबर से आए फोन कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। बैंक, पुलिस या कोई भी सरकारी संस्था कभी फोन पर OTP, PIN या पासवर्ड नहीं मांगती। सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सीमित रखें। केवल भरोसेमंद ऐप और वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

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