AI काे नैतिकता का पाठ पढ़ाने के लिए टेक कंपनियां नियुक्त कर रहीं दार्शनिक
बड़ी टेक कंपनियां अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम को समझदार और सुरक्षित फैसले लेने लायक बनाने के लिए दार्शनिकों को शामिल कर रही हैं।
ये विशेषज्ञ तर्क और नैतिकता के अपने ज्ञान का इस्तेमाल करके बुनियादी सिद्धांत तय करते हैं, बिल्कुल वैसे ही जैसे गूगल ने अपने 'AI सिद्धांत' बनाए हैं। इन सिद्धांतों से यह सुनिश्चित होता है कि एडवांस्ड AI भी जटिल परिस्थितियों में जिम्मेदारी से काम कर सकें।
AI के नियमन को देंगे दिशा
दार्शनिकों का काम सिर्फ AI को नियमों का पाठ पढ़ाना नहीं है। वे यह भी तय कर रहे हैं कि इन तकनीकों को वैश्विक स्तर पर कैसे संचालित किया जाना चाहिए।
एंथ्रोपिक का क्लाउड AI गलत जानकारी फैलाने से रोकने के लिए ईमानदारी के कड़े सिद्धांतों का पालन करता है, वहीं कुछ दूसरे सिस्टम नुकसान को कम करने के लिए अलग-अलग नैतिक तरीके अपनाते हैं, ठीक वैसे ही जैसे खुद से चलने वाली कारें मुश्किल हालात में अहम फैसले लेती हैं।
जैसे-जैसे AI के लिए दुनियाभर में स्पष्ट नियम बनाने की मांग बढ़ती जा रही है, ये दार्शनिक विचार भविष्य में ऐसे कानूनों की नींव बन सकते हैं, जो हर जगह AI के इस्तेमाल को दिशा देंगे।