भारतीय मूल के अनिल मेनन 14 जुलाई को पहली बार करेंगे अंतरिक्ष यात्रा
नासा के भारतीय मूल के यूक्रेनी अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई को अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा पर निकलने वाले हैं।
वे कजाकिस्तान से 2 रूसी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरेंगे। यहां वे अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर 8 महीने बिताएंगे।
इस दौरान उनका काम ऐसा शोध करना होगा, जिससे भविष्य में इंसानों को चंद्रमा और मंगल पर पहुंचाने का रास्ता साफ हो सके।
अंतरिक्ष यात्री के तौर पर ऐसे हुई शुरुआत
मेनन का जन्म मिनियापोलिस में हुआ था। उनके पास हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से न्यूरोबायोलॉजी, इंजीनियरिंग और मेडिसिन की डिग्रियां हैं।
नासा में शामिल होने से पहले उन्होंने एक्सपीडिशन फ्लाइट सर्जन के तौर पर काम किया। वे स्पेस-X के पहले फ्लाइट सर्जन भी रहे। इसके बाद नासा ने उन्हें 2021 के अंतरिक्ष यात्री क्लास के लिए चुना। उन्होंने 2024 में अपना प्रशिक्षण पूरा किया।
इस मिशन के दौरान वे अध्ययन करेंगे कि सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में रहने से मानव शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है। साथ ही, भविष्य की डीप-स्पेस यात्राओं के लिए नई तकनीकों का परीक्षण भी करेंगे।