AI की मार से मुश्किलों में घिरी गोप्रो, 145 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी
गोप्रो का साल काफी मुश्किलों भरा रहा है और कंपनी ने माना है कि उसके भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। कंपनी मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों से जूझ रही है, जिनकी कीमतें 80 से 110 फीसदी तक बढ़ गई हैं।
इसका एक बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की बढ़ती मांग है, जिसकी वजह से चिप्स की आपूर्ति कम हो गई है। गिरती हुई बिक्री भी इस मुश्किल को और बढ़ा रही है, जिससे कंपनी के मुनाफे पर और दबाव पड़ रहा है।
छंटनी से आएगा पड़ेगा करीब 130 करोड़ रुपये का बोझ
इस मुश्किल से निपटने के लिए गोप्रो ने 145 कर्मचारियों की छंटनी का फैसला लिया है, जो उसके कुल कर्मचारियों का लगभग एक चौथाई हिस्सा है।
कर्मचारियों की इस छंटनी में कंपनी को करीब 1.5 करोड़ डॉलर (करीब 130 करोड़ रुपये) का खर्च उठाना पड़ेगा, जिसमें छंटनी का मुआवजा और स्वास्थ्य संबंधी लाभ शामिल हैं।
कंपनी की कमाई 2026 की शुरुआत में 26 फीसदी गिर गई, जिसका एक कारण मैक्स2 कैमरे के लॉन्च में हुई देरी भी है। यह 2024 के बाद से छंटनी का तीसरा बड़ा दौर है, क्योंकि कंपनी वापस पटरी पर आने की कोशिश कर रही है।