विलुप्त ब्लूबक को फिर जीवित करने की तैयारी में जुटी अमेरिकी कंपनी, क्या है योजना?
क्या है खबर?
अमेरिका की बायोटेक कंपनी कोलोसल बायोसाइंसेज अब खत्म हो चुकी अफ्रीकी प्रजाति ब्लूबक को फिर से जीवित करने की तैयारी कर रही है। यह वही कंपनी है जो पहले डायर वुल्फ, वूली मैमथ और डोडो जैसे जीवों पर काम कर रही है। कंपनी का कहना है कि नई तकनीक की मदद से अब ऐसी प्रजातियों को वापस लाना संभव हो सकता है, जो सैकड़ों साल पहले खत्म हो चुकी हैं और जिनका अस्तित्व इतिहास में दर्ज है।
तकनीक
DNA और जेनेटिक तकनीक से हो रहा काम
कंपनी ने म्यूजियम में रखे ब्लूबक के पुराने नमूनों से DNA निकाला है। इसके आधार पर वैज्ञानिक उसके जीन को समझ रहे हैं और उसके जैसे दिखने वाले जीव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए रोन एंटीलोप को सरोगेट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। वैज्ञानिक DNA में बदलाव करके धीरे-धीरे ब्लूबक के जैसे लक्षण विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जो अभी शुरुआती चरण में जारी है।
चुनौतियां
वैज्ञानिकों की उम्मीद और चुनौतियां भी मौजूद
कंपनी के वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में ब्लूबक जैसा जीव पैदा किया जा सकता है। इससे बीमारियों के इलाज और संरक्षण में मदद मिल सकती है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ एक वैज्ञानिक प्रयोग है और असली संरक्षण के लिए जरूरी नहीं है। उनका मानना है कि पैसे का इस्तेमाल उन प्रजातियों को बचाने में होना चाहिए जो अभी खत्म होने के कगार पर तेजी से पहुंच रही हैं।
सवाल
संरक्षण और भविष्य पर उठे सवाल
ब्लूबक को वापस लाने के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या उसके लिए सही प्राकृतिक माहौल मौजूद है। कई जगहों पर जंगल और घास के मैदान पहले ही खत्म हो चुके हैं। कंपनी का कहना है कि वह सरकार और विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस पर काम करेगी। वहीं, आलोचकों का मानना है कि "डी-एक्सटिंक्शन" पूरी तरह असली जीव को वापस नहीं लाता, बल्कि उसका एक नया बदला हुआ रूप तैयार करता है।