AI और डिजिटल क्रांति से पौधों की लुप्तप्राय प्रजातियों को बचाने की मुहिम तेज
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटलीकरण पौधों की रक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। रॉयल बोटैनिक गार्डन्स के मुताबिक, जांच की गई पौधों की प्रजातियों में से 40 फीसदी लुप्त होने की कगार पर हैं।
इतना ही नहीं, अभी भी हजारों ऐसी प्रजातियां हैं, जिनका न तो ठीक से आकलन हुआ है और न ही जिनकी खोज की जा सकी है।
74 लाख नमूनों को किया डिजिटल
AI मॉडल्स अब कई बार मुश्किल पौधों की विशेषताओं को पहचानने में विशेषज्ञों से भी बेहतर साबित हो रहे हैं। इससे लुप्तप्राय प्रजातियों को आसानी से सूचीबद्ध किया जा सकता है और उन्हें बचाने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। केव ने 74 लाख नमूनों को डिजिटल कर दिया है, जिनमें से कुछ तो चार्ल्स डार्विन ने भी इकट्ठा किए थे।
अब दुनिया भर के शोधकर्ता इन नमूनों को ऑनलाइन देख सकते हैं। इसके अलावा, AI वैज्ञानिकों को पौधों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को पहचानने में मदद कर रहा है।
यह बहुत पुराने नमूनों (180 साल तक पुराने) से जेनेटिक रहस्य भी उजागर कर रहा है, जिससे दवाइयों और बीमारियों के इलाज पर शोध में काफी मदद मिलेगी।