वॉलमार्ट को भारी पड़ रहा AI का खर्चा, अब लगा रही पाबंदी
वॉलमार्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए खुद के बनाए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल 'कोड पपी' के इस्तेमाल पर कुछ पाबंदियां लगा दी हैं।
दरअसल, इस टूल के बेतहाशा इस्तेमाल से कंपनी का खर्च बहुत बढ़ गया था। पहले कर्मचारी इसे जितना चाहें उतना इस्तेमाल कर सकते थे, लेकिन अब 'टोकन' सिस्टम शुरू किया गया है।
अब हर काम के लिए एक तय संख्या में टोकन खर्च होंगे। इससे कर्मचारियों को सोचना पड़ेगा कि वे AI का इस्तेमाल कब और कहां करें। कंपनी का कहना है कि वे AI का इस्तेमाल सिर्फ वहीं करना चाहते हैं, जहां इससे सचमुच कोई फायदा हो।
उबर और माइक्रोसॉफ्ट ने AI एक्सेस पर लगाई पाबंदी
वॉलमार्ट अकेली नहीं है, जो ऐसा कदम उठा रही है। उबर ने भी अपने इंजीनियर्स के लिए 'क्लाउड कोड' लॉन्च किया था, लेकिन कुछ ही महीनों में उसने अपना सालभर का AI बजट पार कर लिया।
इसी तरह, माइक्रोसॉफ्ट ने भी हाल ही में अपने कर्मचारियों के लिए कुछ AI टूल्स तक पहुंच कम कर दी है। उन्हें भी इसी तरह के खर्चों से जुड़ी परेशानियां झेलनी पड़ रही थीं। इन वाकयों से यह साफ है कि बड़ी कंपनियों में नई और आधुनिक तकनीक लाना हमेशा आसान नहीं होता क्योंकि इसके साथ बड़ा खर्च भी जुड़ा होता है।