28 अगस्त को पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा 93 फीसदी चंद्रमा
खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 28 अगस्त को एक आंशिक चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा। इस दौरान चंद्रमा का करीब 93 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की सबसे गहरी छाया अम्ब्रा में समा जाएगा।
हालांकि, इसका यह मतलब नहीं कि पूरा चांद अंधेरे में डूब जाएगा। दरअसल, चांद का एक छोटा-सा हिस्सा रोशनी में रहेगा, इसी वजह से इसे 'आंशिक' चंद्र ग्रहण कहा जा रहा है।
इतने समय तक दिखाई देगा ग्रहण
यह चंद्र ग्रहण करीब 3 घंटे 18 मिनट तक चलेगा। यह भारतीय समयानुसार सुबह 9:44 बजे अपने चरम पर होगा। अमेरिका के कुछ हिस्सों, पूर्वी प्रशांत क्षेत्र, यूरोप और अफ्रीका के लोग इस अद्भुत नजारे को देख पाएंगे।
हालांकि, आप भारत में हैं या किसी ऐसी जगह पर जहां यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा तो भी निराश होने की जरूरत नहीं है। आप इसे ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए आराम से देख सकते हैं।
इस कारण होता है चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण तब होता है, जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। इस प्रक्रिया में चंद्रमा पृथ्वी की 2 तरह की छायाओं से होकर गुजरता है।
सबसे पहले यह हल्की बाहरी छाया 'पेनुम्ब्रा' से होकर निकलता है। इसके बाद यह पृथ्वी की सबसे गहरी छाया 'अम्ब्रा' में प्रवेश करता है।