अमेरिका-कनाडा की व्यापार वार्ता विफल; ट्रंप ने 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया, आज रात से लागू होगा
क्या है खबर?
अमेरिका और कनाडा के बीच 3 दिन से चल रही बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। इसके बाद अमेरिका ने कहा है कि वो कनाडा पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने जा रहा है। ये टैरिफ आज रात से लागू हो जाएंगे। ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि धारा 338 के तहत लगने वाले टैरिफ लगभग 20 अरब डॉलर मूल्य के कनाडाई सामानों को प्रभावित करेंगे।
टैरिफ
किन सामानों पर लागू होगा टैरिफ?
टैरिफ को लेकर अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इससे अमेरिका को कनाडा के वार्षिक निर्यात का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित होगा।
जिन सामानों पर टैरिफ लगने जा रहा है, उनमें हॉकी स्टिक, प्लाईवुड, शराब, बिजली का सामान से लेकर सैकड़ों उत्पाद शामिल हैं।
पिछले साल अमेरिका और कनाडा के बीच 880 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार हुआ था, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों की व्यापकता को दर्शाता है।
बयान
कनाडाई प्रधानमंत्री बोले- डॉलर का जवाब डॉलर से देंगे
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने चेतावनी देते हुए कहा कि ओटावा नए अमेरिकी टैरिफ का जवाब 'डॉलर के बदले डॉलर' से देगा।
उन्होंने कहा, "पिछले कुछ हफ्तों में बातचीत में अच्छी प्रगति हुई थी, लेकिन वह कनाडा के हितों को पूरा करने के लिए काफी नहीं थी। आखिरी समय में अमेरिका ने समझौते की शर्तें बदल दीं। इससे किसी भी समझौते पर भरोसा करना मुश्किल हो गया था।"
अमेरिका
बातचीत विफल होने पर अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि समझौते की दिशा में प्रगति के बावजूद कनाडा बातचीत से पीछे हट गया।
उन्होंने कहा, "वाशिंगटन ने कनाडा को अमेरिका को निर्यात करने वाले किसी भी प्रमुख देश की तुलना में सर्वोत्तम व्यवहार की पेशकश की थी, लेकिन ओटावा द्वारा नई मांगों और पिछली प्रतिबद्धताओं को पलटने से वार्ता के दौरान हासिल किया गया संतुलन बिगड़ गया है।"
ग्रीर ने अमेरिकी प्रस्ताव को 'दूरदर्शी' बताया।
असर
कनाडा पर क्या होगा असर?
टैरिफ से कनाडा के निर्यात के अपेक्षाकृत छोटे हिस्से पर असर पड़ेगा, लेकिन ये इस्पात, लकड़ी और ऑटोमोबाइल पर पहले से लागू टैरिफ के अतिरिक्त होगा।
इनसे कनाडा की आर्थिक रिकवरी पर और दबाव पड़ सकता है और समझौते पर बातचीत में जटिलता आ सकती है।
साथ ही ये टैरिफ उन कनाडाई वस्तुओं पर भी लागू होगा, जो अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते के तहत तरजीही व्यवहार के लिए पात्र हैं। इस व्यवस्था ने पिछले टैरिफ से कनाडा को कुछ राहत दी थी।