#NewsBytesExplainer: अजित के बाद क्या एक होगी NCP और कौन होगा सियासी वारिस?
क्या है खबर?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया है। मुंबई से बारामती जाते वक्त उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई। 'दादा' के नाम से मशहूर अजित बीते करीब 4 दशक से महाराष्ट्र की राजनीति का अहम चेहरा थे। वे 6 बार उपमुख्यमंत्री रहे और कई बार दल-बदल और शरद पवार से बगावत के बावजूद प्रासंगिक बने हुए थे। आइए उनके बाद सियासी संभावनाए समझते हैं।
राजनीति
महाराष्ट्र की राजनीति पर कितना होगा असर?
अजित ने पृथ्वीराज चव्हाण, उद्धव ठाकरे, एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के अधीन उपमुख्यमंत्री के तौर पर काम किया। उनकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) महाराष्ट्र की मौजूदा फडणवीस सरकार का हिस्सा है। चाचा शरद पवार से बगावत के बाद न उन्होंने खुद को उभारा, बल्कि NCP पर भी आधिकारिक तौर पर कब्जा कर लिया। उनका निधन भी उपमुख्यमंत्री पद पर रहते हुआ। इसका असर महाराष्ट्र खासतौर पर मराठवाड़ा की राजनीति पर आने वाले समय में दिखाई देगा।
NCP
क्या NCP के दोनों गुट साथ आएंगे?
अजित का निधन ऐसे समय हुआ है, जब उनके अपने चाचा के साथ सुलह होने और पवार परिवार को एकजुट करने के संकेत मिल रहे थे। हाल ही में हुए महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनावों में NCP के दोनों गुटों ने पिंपरी-चिंचवाड़ में एक साथ चुनाव लड़ा था। खुद शरद और अजित पहले भी इसके संकेत दे चुके थे। अब अजित के निधन के बाद NCP के एक होने की संभावनाओं को और बल मिल गया है।
परिवार
कौन होगा सियासी वारिस?
अजित के परिवार में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और बेटे पार्थ और जय पवार हैं। सुनेत्रा फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं। अपने प्रशासनिक कौशल और सामाजिक कार्यों के लिए जानी जाने वाली सुनेत्रा को बारामती में अजित की विरासत को आगे ले जाने के लिए मजबूत दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है। वे बारामती टेक्सटाइल कंपनी की अध्यक्ष और एनवायरनमेंटल फोरम ऑफ इंडिया की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं।
बेटे
क्या बेटों के पास आएगी सियासी विरासत?
अजित के 2 बेटों में से केवल पार्थ ही राजनीतिक तौर पर मामूली सक्रिय हैं। 2019 में उन्होंने मावल से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। उनकी सियासी पकड़ अभी इतनी मजबूत नहीं मानी जाती है। अजित के भतीजे रोहित पवार फिलहाल कर्जत-जामखेड सीट से विधायक हैं, लेकिन अभी तक राजनीति में जगह नहीं बना पाए हैं। जय फिलहाल पारिवारिक कारोबार संभालते हैं और उनके राजनीति में आने की संभावनाएं कम हैं।
परिवार
करीब आएगा पवार परिवार?
इस बात की बहुत ज्यादा संभावनाएं हैं कि इस त्रासदी के बाद पवार परिवार और नजदीक आएगा। NCP के दिग्गज नेता शरद के सामने अपनी विरासत को सहेजने के साथ ही पार्टी और पारिवारिक गुटों को एकजुट रखने की नाजुक चुनौती होगी। NCP के गुटों के संभावित पुनर्मिलन को लेकर भी अटकलें तेज हैं। बारामती से सांसद और राजनीतिक तौर पर परिवार की सबसे सक्रिय सदस्य होने के नाते सुप्रिया सुले की अब अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।
संसद
कितनी ताकतवर है अजित की पार्टी?
फिलहाल अजित की पार्टी के एक लोकसभा और 3 राज्यसभा सांसद हैं। लोकसभा में सुनील तटकरे दत्तात्रेय तो राज्यसभा में प्रफुल पटेल, सुनेत्रा पवार और नितिन लक्ष्मणराव जादव सांसद हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में अजित के पास 40 विधायक हैं। वहीं, महाराष्ट्र विधान परिषद में भी 9 सदस्य हैं। नगर निगमों में अजित की पार्टी के 167 पार्षद हैं। इसके अलावा NCP 37 नगर परिषद और नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर भी काबिज है।