महाराष्ट्र: मुंबई समेत 17 नगर निगम में महिला मेयर होंगी, जानें लॉटरी के नतीजे
क्या है खबर?
महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के मेयर पद के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जा चुकी है। इसके मुताबिक, 29 में से 16 सीटें सभी श्रेणियों के लिए आरक्षित की गई हैं, जबकि 13 सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं। वहीं, इस बार महाराष्ट्र नगर निगमों में महिलाओं का दबदबा देखने को मिलेगा, क्योंकि कुल 17 मेयर पद महिलाओं के खाते में गए हैं। मुंबई (BMC) पुणे, नागपुर और नाशिक समेत कई महानगरपालिकाएं सामान्य महिला श्रेणी के लिए आरक्षित हुई हैं।
महिलाएं
कहां-कहां होंगी महिला मेयर?
शहरी विकास मंत्रालय में निकाली गई लॉटरी के बाद जालना और लातूर में अनुसूचित जाति (SC) की महिला मेयर बनेंगी। अहिल्यानगर, अकोला, जलगांव, चंद्रपुर में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) महिला को मेयर बनाया जाएगा। पिंपरी चिंचवड़, भिवंडी-निजामपुर, पुणे, धुले, मुंबई, नांदेड़-वाघाला, नवी मुंबई, नागपुर, मीरा भायंदर, नासिक में सामान्य श्रेणी की महिला मेयर होंगी। लगातार 5वीं बार चंद्रपुर नगर निगम का मेयर पद भी महिला के पास जा रहा है।
अन्य निगम
जानें किस निगम को किस श्रेणी का मेयर मिलेगा
सामान्य: छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई (महिला), वसई-विरार, नागपुर, मुंबई, सोलापुर, अमरावती, नासिक (महिला), पिंपरी-चिंचवड़ (महिला), पुणे (महिला), परभणी (महिला), भिवंडी-निजामपुर (महिला), मीरा-भायंदर (महिला), नांदेड़ (महिला), सांगली-मिराज-कुपवाड और धुले (महिला)। OBC: कोल्हापुर, अकोला (महिला), उल्हासनगर, चंद्रपुर (महिला), पनवेल, जलगांव (महिला), अहिल्यानगर (महिला) और इचलकरंजी। SC: ठाणे, लातूर (महिला) और जालना (महिला)। ST: कल्याण-डोंबिवली। जालना और लातूर में SC की महिलाओं के लिए आरक्षण की घोषणा की गई है। 8 नगर निगम में OBC श्रेणी का मेयर होगा।
विरोध
शिवसेना (UBT) ने जताई आपत्ति
शिवसेना (UBT) की नेता और मूंबई की पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने लॉटरी प्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "यह फैसला लेने के नियम बिना किसी को बताए बदल दिए गए। पिछले 2 मेयर सामान्य वर्ग के थे, इसलिए नया मेयर OBC या ST वर्ग से होना चाहिए था।" उन्होंने कहा कि OBC आरक्षण ड्रॉ से मुंबई को क्यों बाहर रखा गया। इस दौरान शिवसेना (UBT) नेता बैठक से उठकर चले गए।
प्रक्रिया
अब लॉटरी प्रक्रिया के बारे में जानिए
1992 के एक कानून के मुताबिक, महाराष्ट्र में नगर निगम मेयर का चुनाव लॉटरी के जरिए किया जाता है। एक बॉक्स में से पर्ची निकालकर तय किया जाता है कि किस निगम में किस श्रेणी का मेयर होगा। 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होते हैं। इसका उद्देश्य सभी वर्गों को बराबर मौके देना है। जिस निगम में जो वर्ग आरक्षित होता है, केवल उसी वर्ग का पार्षद मेयर चुनाव लड़ सकता है।
नतीजे
क्या रहे महाराष्ट्र निगम चुनावों के नतीजे?
निकाय चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने महाराष्ट्र की 29 में से 25 नगर निकायों में जीत हासिल की है। इनमें से 17 पर भाजपा को अकेले जीत मिली है। सबसे अहम BMC में भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने 118 वार्डों में जीत हासिल की, जो बहुमत के आंकड़े से 4 ज्यादा है। NCP के गढ़ पुणे में भी भाजपा को जीत मिली है। इसी के साथ BMC में करीब 3 दशक बाद भाजपा का मेयर बनने जा रहा है।