
उमा भारती ने लोधी समाज को "भाजपा को वोट देने के बंधन" से किया मुक्त
क्या है खबर?
पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के एक बयान से भाजपा में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
भारती ने लोधी समाज के एक कार्यक्रम में कहा कि चुनाव के समय उनका फोटो दिखाकर लोधी समाज के वोट लिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि वह भाजपा की निष्ठावान सिपाही होने के नाते पार्टी के लिए वोट मांगती हैं, लेकिन लोधी समाज को अपने हितों को ध्यान में रखते हुए वोट देना चाहिए।
बयान
उमा भारती ने और क्या?
सोशल मीडिया पर वायरल एक भाषण में उमा भारती कह रही हैं, "मैं अपनी पार्टी के मंच पर आऊंगी। लोगों का वोट भी मांगूंगी। मैं कभी नहीं कहती कि लोधियों, तुम भाजपा को वोट करो। मैं तो सबको कहती हूं कि तुम भाजपा को वोट करो क्योंकि मैं पार्टी की निष्ठावान सिपाही हूं। मैं आप से नहीं कहती कि आप पार्टी के निष्ठावान सिपाही रहो। आपको अपने हित देखने हैं।"
बयान
आप राजनीति के बंधन से आजाद हैं- उमा
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दिए गए इस भाषण में उमा ने कहा, "हम प्यार के बंधन में बंधे हैं, लेकिन राजनीति के बंधन से आप आजाद हैं। मैं आऊंगी, उम्मीदवार के पक्ष में बोलूंगी, वोट मांगूंगी, लेकिन आपको उसी उम्मीदवार को वोट देना है जिसने आपका सम्मान रखा हो, जिसने आपको उचित स्थान दिया हो। मुझे सब जगह जाना होता है, लेकिन भाषण सुनने के बाद भी आपको तय करना है कि आपको वोट देना है या नहीं।"
नाराजगी
क्या भाजपा से नाराज हैं उमा भारती?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उमा भारती अपने करीबी नेता प्रीतम लोधी की अनदेखी किए जाने से नाराज चल रही हैं।
भाजपा के पूर्व नेता प्रीतम लोधी ने ब्राह्मणों को लेकर एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिसके बाद भाजपा ने उन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी ने बाहर निकाल दिया।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी पिछले महीने उमा के भतीजे और विधायक राहुल सिंह लोधी के निर्वाचन को खारिज कर दिया था।
तंज
कांग्रेस ने भाजपा पर कसा तंज
कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि उमा भारती की टिप्पणी से पता चलता है कि भाजपा उनकी कितनी उपेक्षा कर रही है और खरीद-फरोख्त कर भाजपा में लाए गए लोगों के लिए पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है।
उन्होंने कहा, "उमा भारती के योगदान के कारण लोगों को उनके साथ सहानुभूति है। यदि भाजपा उस योगदान को कुचलने की कोशिश करेगी तो उसे मध्य प्रदेश चुनाव में इसका परिणाम भुगतना होगा।