क्या TMC का कांग्रेस में होगा विलय? दावा- सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी को दिया प्रस्ताव
क्या है खबर?
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद विधायक और सांसद लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं। इस बीच खबरें हैं कि TMC का कांग्रेस में विलय हो सकता है। रिपोर्ट्स की मानें तो कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी को खुद इसका प्रस्ताव दिया है। दिल्ली में कांग्रेस और TMC के शीर्ष नेताओं के बीच लगातार हो रही बैठकों ने अटकलों को और बढ़ावा दे दिया है।
रिपोर्ट
दावा- सोनिया ने ममता को दिया विलय का प्रस्ताव
दरअसल, कल यानी 9 जून को सोनिया गांधी और ममता के बीच सोनिया गांधी के 10 जनपथ स्थित आवास पर बैठक हुई थी। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस दौरान सोनिया ने ममता को प्रस्ताव दिया कि वे TMC का विलय कांग्रेस में कर दे। हालांकि, न्यूज18 के मुताबिक, सोनिया ने ममता से कांग्रेस के साथ मिलकर काम करने और भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता को मजबूत करने का आग्रह किया।
दावे
TMC-कांग्रेस विलय को लेकर अलग-अलग दावे
आज TMC नेता डेरेक ओ'ब्रायन और ममता के भतीजे और TMC के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी। दावा किया जा रहा है कि इस दौरान अभिषेक ने राहुल से ममता को कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा भेजने का अनुरोध किया। वहीं, कुछ रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि सोनिया ने विलय के बदले ममता को कांग्रेस उपाध्यक्ष बनाने और उनके भतीजे अभिषेक को महासचिव का पद देने की भी बात कही है।
अटकलें
क्यों लग रही हैं विलय की अटकलें?
दरअसल, ममता और अभिषेक INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होने दिल्ली आए हुए हैं। इस बैठक के बाद वे दिल्ली में ही हैं और लगातार कांग्रेस आलाकमान के साथ बैठकें कर रहे हैं। बीते दिन ममता ने अलग से सोनिया से मुलाकात की थी। आज सुबह डेरेक ओ'ब्रायन और अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक बंद कमरे में चर्चा हुई।
TMC
चुनावी हार के बाद TMC में भगदड़
TMC के कांग्रेस में विलय की अटकलें इसलिए भी लग रही हैं क्योंकि हार के बाद कई सांसदों-विधायकों ने ममता का साथ छोड़ दिया है। आज ही TMC की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले 8 जून को TMC सांसद सुखेंदु शेखर रे ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ दी थी। इसके साथ ही TMC के 58 विधायकों ने ऋतब्रत साहा के नेतृत्व में बगावत कर दी है।
कांग्रेस
कांग्रेस से ही शुरू हुआ था ममता का सियासी सफर
ममता ने अपना सियासी सफर कांग्रेस से ही शुरू किया था। छात्र राजनीति से वह कांग्रेस से जुड़ीं और 1984 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर जाधवपुर लोकसभा सीट से जीत हासिल की। हालांकि, पार्टी नेतृत्व से मतभेद के बाद 1997 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और अगले साल TMC की स्थापना की। 2011 में उनकी पार्टी पहली बार राज्य की सत्ता में आई। 15 साल बाद TMC को हार का सामना करना पड़ा है।