पंजाब में अकाली और भाजपा में हो सकता है गठबंधन, सुखबीर सिंह बादल ने दिया संकेत
क्या है खबर?
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल (SAD) अपने तमाम गिले-शिकवे भूलकर भाजपा के साथ हाथ मिला सकती है। यह संकेत पार्टी के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने दिया है। उन्होंने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के साथ एक मुलाकात के बाद पत्रकारों को बताया कि राज्य में उनका मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) है। उन्होंने संकेत दिया कि वह समान विचारधारा वाली पार्टियों से गठबंधन कर सकते हैं।
बयान
क्या बोले बादल?
बादल ने कहा कि अकाली दल पंजाब की बेहतरी के लिए काम करती रहेगी, चाहे सत्ता में हो या विपक्ष में।
उन्होंने भाजपा का नाम लिए बगैर कहा कि कांग्रेस और AAP दोनों पंजाब की दुश्मन हैं और अगर कोई पार्टी उनकी विचारधारा से सहमत हैं तो वह उसके साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि जब राज्य में भाजपा और अकाली दल की सरकार थी, तो काफी शांति थी।
मुलाकात
2020 में खत्म हुआ था गठबंधन
बता दें कि SAD भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में थी, लेकिन विवादित 3 कृषि कानून के कारण उसने सितंबर 2020 में गठबंधन तोड़ लिया था।
वर्ष 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। तब भाजपा ने 2 और SAD ने 3 सीटें जीती थींय़
लोकसभा चुनाव 2024 में भी दोनों अलग-अलग लड़े। तब SAD ने एक सीट बंठिडा जीती थी, जबकि भाजपा का खाता नहीं खुला था।
जानकारी
राज्यपाल से क्यों मिले थे बादल?
पूर्व उपमुख्यमंत्री बादल ने राज्यपाल से मुलाकात कर नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में 4 मांगों का ज्ञापन दिया था। उन्होंने हत्या की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच कराने और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पद से हटाने की मांग की।
ट्विटर पोस्ट
बादल का बयान
#WATCH | Chandigarh: Speaking on the possibilities of alliance for the upcoming Punjab elections, SAD chief Sukhbir Singh Badal says, "Akali Dal is a regional party. Punjab is number 1 priority for Akali Dal. Whether we come to power or not, we have to keep fighting for Punjabis.… pic.twitter.com/s4vOqiWF5c
— ANI (@ANI) October 23, 2026