राहुल गांधी बोले- सबको नजरअंदाज किया गया; जानें बजट पर विपक्षी नेताओं ने क्या कहा
क्या है खबर?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश कर दिया है। इसके बाद सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये बजट 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दर्शाता है। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि बजट में युवा और किसान से लेकर सभी वर्गों को नजरअंदाज किया गया है। आइए बजट पर नेताओं की प्रतिक्रिया जानते हैं।
राहुल का बयान
राहुल बोले- सभी को नजरअंदाज किया गया
राहुल ने लिखा, 'बिना नौकरी वाले युवा। गिरता हुआ उत्पादन। निवेशक अपनी पूंजी निकाल रहे हैं। घरेलू बचत तेजी से गिर रही है। किसान परेशान हैं। आने वाले वैश्विक झटके, सभी को बजट में नजरअंदाज किया गया। एक ऐसा बजट जो सुधार करने से इनकार करता है और भारत के असली संकटों से अनजान है।' हालांकि, राहुल ने पत्रकारों से बात करते हुए बजट पर सीधे कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने कहा कि वे संसद में अपनी बात रखेंगे।
प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री बोले- ये अवसरों का राजमार्ग
प्रधानमंत्री मोदी ने बजट को युवाओं को बजट बताया। उन्होंने कहा, "देश में रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी है। ये स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी को मजबूत करने का प्रयास है। सबसे बड़ी पूंजी नागरिक है, इसी में निवेश किया है। बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है। ये बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है। भारत जिस रिफॉर्म्स पर सवार है, बजट से उसे नई गति मिलेगी। बजट में नई रफ्तार के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया गया है।"
ममता का बयान
ममता बनर्जी बोलीं- बिखरा हुआ बजट, कॉरिडोर पर पहले से काम चल रहा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह बिखरा हुआ बजट है। उन्होंने वित्त मंत्री द्वारा 3 फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा पर भी सवाल उठाए। ममता ने कहा, "3 कॉरिडोर के बारे में वित्त मंत्री ने जो कहा वह सरासर झूठ है। यह परियोजना पहले से चल रही है। हमने इस पर काम शुरू कर दिया है। पुरुलिया में जंगलमहल जंगल सुंदरी परियोजना के लिए आर्थिक कॉरिडोर में 72,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।"
अखिलेश का बयान
बजट निराशाजनक और निंदनीय- अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा, 'जब सरकार से कोई उम्मीद नहीं, तो बजट से क्या होगी। बजट में न आम जनता का जिक्र है न फिक्र। महंगाई बढ़ने पर भी टैक्स में छूट न देना टैक्स-शोषण है। अमीरों के काम-कारोबार और घूमने-फिरने पर 10 तरह की छूट दी गईं, लेकिन बेकारी-बेरोजगारी से जूझ रहे लोगों की उम्मीदों की थाली खाली है। किसान, मजदूर, श्रमिक, कारोबारी, छोटा दुकानदार अपनी राहत को दूरबीन लेकर भी ढूंढ नहीं पा रहा।'
अन्य प्रतिक्रियाएं
खड़गे बोले- मोदी सरकार के पास नए आइडिया खत्म हो गए
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'मोदी सरकार के पास अब सोच की कमी है, आईडिया खत्म हो गए हैं। बजट भारत की कई आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों का एक भी समाधान नहीं देता है।' बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने कहा, 'बजट में विभिन्न योजनाओं, वादों और आश्वासनों के संबंध में भविष्य में इनके परिणामों को लेकर यही लगता है कि नाम तो बड़े-बड़े हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनके दर्शन छोटे ना हो तो बेहतर होगा।'