राघव चड्ढा समेत AAP के 3 राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हुए, 4 और होंगे
क्या है खबर?
आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। राघव चड्ढा समेत उसके 3 राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हो गए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने भाजपा का दामन थाम लिया। राघव ने कहा है कि AAP के 4 और राज्यसभा सांसद जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे। इनमें स्वाति मालिवाल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत साहनी और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं।
बयान
राघव ने कहा था- मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति
राघव ने कहा था, "पिछले कुछ सालों से मुझे महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं। इसलिए आज मैं घोषणा करता हूं कि मैं AAP से दूरी बना रहा हूं और जनता के करीब जा रहा हूं। आज AAP छोड़ने वालों में एक क्रिकेटर, एक पद्मश्री विजेता और कई सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। इन सभी ने अपना सब त्यागकर, एक भ्रष्टाचार-मुक्त भारत बनाने के संकल्प के साथ एकजुट होकर इस पार्टी की स्थापना की थी।"
सांसद
AAP छोड़ने वाले सांसदों के बारे में जानिए
अशोक मित्तल: अप्रैल, 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद बने। लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय के संस्थापक। हरभजन सिंह: पूर्व भारतीय क्रिकेटर। जुलाई, 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद। स्वाति मालीवाल: AAP की संस्थापक सदस्यों में शामिल। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष रहीं। संदीप पाठक: IIT दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर रहे। 2022 में AAP में शामिल हुए। विक्रमजीत साहनी: सामाजिक कार्यकर्ता, उद्ममी और पद्मश्री से सम्मानित। राजिंदर गुप्ता: ट्राइडेंट समूह के संस्थापक, नवंबर 2025 से राज्यसभा सांसद।
विवाद
AAP और राघव में क्यों हुए मतभेद?
दिल्ली चुनावों में AAP की हार के बाद राघव ने खुद को पार्टी के एजेंडे से दूर कर लिया था। अरविंद केजरीवाल के बंगले को लेकर विवाद हो या शराब नीति मामले में उनकी गिरफ्तारी से लेकर बरी होने तक के घटनाक्रम चड्ढा ने मामलों पर चुप्पी साधे रखी। केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय वे ब्रिटेन में थे। पश्चिम बंगाल से जुड़े चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्ताव पर राघव ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था।
सांसदी
क्या अयोग्य घोषित किए जाएंगे सांसद?
संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत, राज्यसभा का कोई सदस्य दलबदल-रोधी अयोग्यता से तभी मुक्त होता है, जब उसकी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य किसी दूसरी पार्टी में विलय करने पर सहमत हों। AAP के राज्यसभा में फिलहाल 10 सदस्य हैं, उनमें से 7 भाजपा में चले गए हैं। यानी ये पार्टी के कुल सदस्यों के दो तिहाई से ज्यादा है। इस आधार पर राघव समेत भाजपा में जाने वाले सभी सदस्यों की सदस्यता बरकरार रहेगी।
परिचय
राघव चड्ढा के बारे में जानिए
11 नवंबर, 1988 को जन्में चड्ढा ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की हैं और पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। वे AAP की स्थापना से ही इससे जुड़े हुए हैं। वे 2015 में दिल्ली में AAP के सबसे युवा कोषाध्यक्ष बने और अगले साल पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किए गए। 2020 में उन्होंने दिल्ली की राजेंद्र नगर सीट से विधायक का चुनाव जीता। वे 2022 में सबसे युवा राज्यसभा सांसद बने।