LOADING...
कोलकाता बंदरगाह का होगा विस्तार, केंद्र सरकार ने 215 करोड़ रुपये की योजना को दी मंजूरी
सरकार ने कोलकाता बंदरगाह के विस्तार को मंजूरी दे दी है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोलकाता बंदरगाह का होगा विस्तार, केंद्र सरकार ने 215 करोड़ रुपये की योजना को दी मंजूरी

लेखन आबिद खान
Jun 11, 2026
11:18 am

क्या है खबर?

केंद्र सरकार ने कोलकाता बंदरगाह पर 215 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल को मंजूरी दे दी है। राज्य में सरकार बदलने के बाद मिली इस मंजूरी को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अहम माना जा रहा है। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस परियोजना का उद्देश्य प्रति वर्ष 24.78 मिलियन टन (MTPA) की माल ढुलाई क्षमता का निर्माण करना है। ये निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

रिपोर्ट

बंदरगाह में बनाई जाएगी आधुनिक माल ढुलाई सुविधा

रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह में निजी भागीदारी के जरिए किडरपोर डॉक-II को एक आधुनिक माल ढुलाई सुविधा के रूप में विकसित किया जाएगा। टर्मिनल बनने के बाद यहां से उर्वरक, खाद्यान्न, जिप्सम, लकड़ी और अन्य माल सहित कई प्रकार की वस्तुओं को संभालने की उम्मीद है, जिससे पूर्वी और उत्तरी भारत के लिए एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स प्रवेश द्वार के रूप में बंदरगाह की भूमिका मजबूत होगी।

बयान

सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत होगा निर्माण

न्यूज18 से एक अधिकारी ने कहा, "आधुनिक लॉजिस्टिक्स अवसंरचना आर्थिक प्रतिस्पर्धा के लिए केंद्रीय महत्व रखती है। इस तरह की परियोजनाएं टर्नअराउंड समय को कम करती हैं, परिवहन लागत को घटाती हैं और उत्पादन केंद्रों तथा बाजारों के बीच संपर्क को बेहतर बनाती हैं।" यह परियोजना डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण (DBFOT) मॉडल के तहत प्रस्तावित है, जो सरकारी खजाने पर बोझ डाले बिना बंदरगाह के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर केंद्रित होगी।

Advertisement

विकास

बंदरगाह के कंटेनर टर्मिनल विकास का काम भी जारी

वहीं, कोलकाता डॉक सिस्टम के नेताजी सुभाष डॉक में बड़े विकास कार्यों के लिए JSW इंफ्रास्ट्रक्चर को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किया गया है। इस परियोजना की लागत करीब 832.25 करोड़ रुपये है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत DBFOT व्यवस्था में 30 वर्षों के लिए संचालित की जाएगी। परियोजना के तहत 2 नए बाहरी कंटेनर हैंडलिंग बर्थ विकसित किए जाएंगे, जबकि मौजूदा 5 बर्थों को आधुनिक बनाया जाएगा। पुरानी मोबाइल हार्बर क्रेनों को हटाकर आधुनिक क्रेनें लगाई जाएंगी।

Advertisement

बालागढ़

हुगली के बालागढ़ में छोटा बंदरगाह बनाने पर विचार कर रही सरकार

कोलकाता बंदरगाह पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए सरकार हुगली के बालागढ़ में एक छोटा बंदरगाह बनाने पर भी विचार कर रही है। 1996 में बिजली संयंत्र बनाने के लिए किसानों से 1,100 एकड़ जमीन ली गई थी। इसमें से कुछ जमीन पोर्ट ट्रस्ट के पास भी है। परियोजना पर कुछ काम शुरू हुआ था, लेकिन साल 2000 की बाढ़ में सब तबाह हो गया। यहां गंगा नदी बंदरगाह के लिए प्राकृतिक रूप से उपयुक्त है।

Advertisement