प्रियंका गांधी बोली- सरकार की मंशा महिला आरक्षण की नहीं, केवल और केवल परिसीमन की थी
क्या है खबर?
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा विधेयक गिर जाने के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। उन्होंने इन विधेयकों को सरकार की साजिश बताया। उन्होंने कहा, "पूरी साजिश इसलिए रची गई, ताकि भाजपा सत्ता में रह सके। अभी नहीं किया गया तो ये जो परिसीमन करना चाह रहे हैं, 2011 की जनगणना के आधार पर वो नहीं हो पाएगा। महिला आरक्षण के नाम पर ये परिसीमन करना चाह रहे थे।"
परिसीमन
प्रियंका बोलीं- महिलाओं ने हाथरस, उन्नाव और मणिपुर देखा है
प्रियंका ने कहा, "2011 की जनगणना के आधार पर होता, तो उन्हें जाति आरक्षण भी नहीं लेना होता। उन्होंने सोचा कि पारित हो गया तो हम महिलाओं के मसीहा बन जाएंगे। ऐसा नहीं होता। महिलाओं के संदर्भ में हमारा एक इतिहास है। महिलाओं ने उन्नाव, हाथरस, मणिपुर और ओलिंपिक की महिलाओं को देखा है। ये स्पष्ट है कि ये महिला आरक्षण की नहीं, केवल परिसीमन की बात थी। इनको मनमानी की पूरी आजादी मिल जाती।"
आरक्षण
प्रियंका ने कहा- 2023 का विधेयक लाइए, हम सब तैयार
प्रियंका ने कहा, "महिलाएं बेवकूफ नहीं है, सब देख रही हैं। अगर आप वाकई महिलाओं को आरक्षण देना चाहते हैं, तो जो 2023 में विधेयक पारित हुआ था, वो लाइए। इसको अभी करिए, हम सब तैयार हैं। आप इसे घूमा फिराकर मत करिए। कल जो हुआ वो लोकतंत्र की जीत हुई है, विपक्ष की जीत हुई है। इनकी साजिश नाकाम हुई है। इनकी मीडियाबाजी, PR और बड़े-बड़े अभियान अब चल नहीं रहे हैं।"
बड़ी बातें
प्रियंका के संबोधन की बड़ी बातें
गृह मंत्री अमित शाह की अपील के बावजूद सांसदों ने भरोसा नहीं किया, ये उन पर गिरते भरोसे को दिखाता है। सरकार आज 2023 वाला विधेयक लेकर आए और जो भी संशोधन लगते हैं, वो करें, हम इसे पारित कराने में तैयार हैं। सरकार चाहे तो इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरे, लेकिन देश की जनता सब समझने लगी है। परिसीमन से पहले जाति जनगणना होना चाहिए, उसी आधार पर परिसीमन हो।
आयोग
ये परिसीमन आयोग में अपने लोग बैठाएंगे- प्रियंका
प्रियंका ने कहा, "ये परिसीमन आयोग बनाएंगे और उसमें अपने आदमी बैठा देंगे। आपने देखा कि जम्मू-कश्मीर के परिसीमन में इन्होंने क्या किया। सिर्फ अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए इन्होंने सब इधर-उधर कर दिया। जनता इन पर भरोसा नहीं करती, तो हम कैसे कर सकते हैं। इंदिरा जी और वाजपेयी ने परिसीमन रोका उसकी वजह थी। अगर इन्होंने छोटे और दक्षिणी प्रदेशों का प्रतिनिधित्व कम किया, तो जबरदस्त समस्या पैदा करेंगे।"
लोकसभा
लोकसभा से पारित नहीं हो सका विधेयक
सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े 3 विधेयक लेकर आई थी। इनमें से एक संविधान संशोधन विधेयक था, जिस पर कल मतदान हुआ। विधेयक के पक्ष में 298 और विरोध में 230 सांसदों ने वोट किया। विधेयक को पारित होने के लिए जरूरी सदन में मौजूद कुल सदस्यों के दो तिहाई वोट नहीं मिले। इसके बाद सरकार ने बाकी दोनों विधेयकों पर मतदान नहीं कराया। 12 साल में पहली बार सरकार किसी विधेयक को पारित नहीं करा पाई है।