ज्यादातर कंपनियों के लिए समझ के परे हुआ AI का बिल, KPMG सर्वे में दावा
क्या है खबर?
दुनियाभर की कंपनियां अब क्लाउड कोड या के कोडेक्स जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का इस्तेमाल कर रही हैं। अब इनके सामने लागत की समस्या सामने आई है। एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ज्यादातर कंपनियों को शायद यह समझ ही नहीं आ रहा है कि उनसे शुल्क कैसे लिया जा रहा है। यह ऐसे समय आई है, जब उबर और वॉलमार्ट जैसी कंपनियां बढ़ती लागत के कारण AI के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
सर्वे
4 में से एक कंपनी को पूरी जानकारी
KPMG सर्वे के अनुसार, कंपनियों को AI के उपयोग की लागत को समझना मुश्किल हो रहा है। केवल 26 प्रतिशत कंपनियों को ही इसका व्यापक आकलन है। 50 प्रतिशत को यह जानकारी या अंदाजा है कि उनसे शुल्क कैसे लिया जा रहा है, जबकि 22 प्रतिशत का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है या बिल मिलने के बाद ही लागत का पता चलता है। 4 में से एक कंपनी ही बिलों को समझती है।
बिलिंग
कंपनियों लागू कर रही बिलिंग का नया सिस्टम
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, KPMG के वैश्विक AI प्रमुख स्टीव चेस ने कहा, "यह एक नया संसाधन है, जिसे प्रबंधित करने की आवश्यकता है, जो पहले इस तरह से मौजूद नहीं था और हम इसमें तीव्र वृद्धि देख रहे हैं।" यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब एंथ्रोपिक और OpenAI जैसी कंपनियां बड़े पैमाने पर टोकन-आधारित AI उपयोग की ओर बढ़ चुकी हैं। टोकन AI के लिए माप की एक बुनियादी इकाई के रूप में कार्य करते हैं।