
लोकसभा में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- संविधान भारत की एकता का आधार, आपातकाल पर क्या कहा?
क्या है खबर?
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान संविधान पर चर्चा हो रही है। इस दौरान लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाषण दिया।
उन्होंने कहा, "यह पूरे देश और हम सबके लिए गौरव का पल है। यह लोकतंत्र का उत्सव मनाने का अवसर है। भारत का लोकतंत्र काफी समृद्ध रहा है। विश्व के लिए प्रेरणा वाला रहा है। तभी भारत लोकतंत्र की जननी के तौर पर जाना जाता है।"
प्रधानमंत्री ने इस दौरान आपातकाल को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा।
आपातकाल
प्रधानमंत्री ने आपातकाल पर कांग्रेस को घेरा
प्रधानमंत्री ने कहा, "संविधान के जब 25 साल थे, तो याद करें क्या हुआ था। हमारे देश में आपातकाल लाया गया। संविधान को नोच लिया गया। संवैधानिक व्यवस्थाओं को खत्म कर दिया गया। नागरिकों के अधिकारों को लूट लिया गया। कांग्रेस के माथे पर ये जो पाप है, वो कभी धूलने वाला नहीं है। कांग्रेस के एक परिवार ने संविधान को चोट पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हर क्षण इस परिवार ने संविधान को चुनौती दी है।"
संविधान
कांग्रेस ने संविधान को लहूलुहान किया- प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने कहा, "कांग्रेस समय-समय पर संविधान का शिकार करती रही और संविधान की आत्मा को लहूलुहान करती रही। 6 दशक में 75 बार संविधान बदला गया। जो बीज पहले प्रधानमंत्री ने बोया था, उसे खाद-पानी देने का काम इंदिरा गांधी ने किया। 1975 में 39वां संशोधन किया। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, अध्यक्ष, प्रधानमंत्री के चुनाव के खिलाफ कोई कोर्ट नहीं जा सकता। उन्होंने हमारे देश की अदालत के पंख काट दिए थे।"
महिलाएं
महिलाओं की भागीदारी पर क्या बोले प्रधानमंत्री?
प्रधानमंत्री ने कहा, "संविधान निर्माण में नारी शक्ति ने संविधान को सशक्त करने की भूमिका निभाई है। उनके सुझावों का संविधान निर्माण में बहुत प्रभाव रहा था। दुनिया के कई देश आजाद हुए, संविधान बना, महिलाओं को अधिकार देने में दशकों बीत गए। हमारे यहां शुरुआत से ही महिलाओं को मतदान का अधिकार दिया गया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित करके हमारी महिला शक्ति को भारतीय लोकतंत्र में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए।"
sबयान
प्रधानमंत्री ने कहा- 75 वर्ष की उपलब्धि असाधारण
प्रधानमंत्री ने कहा, "संविधान के 75 वर्ष की यादगार यात्रा और लोकतंत्र की यात्रा के मूल में संविधान निर्माताओं की दिव्य दृष्टि और योगदान है। यह उत्सव मनाने का पल है। खुशी की बात है कि संसद भी इस उत्सव में शामिल होकर अपनी भावना प्रकट कर रहा है। 75 वर्ष की उपलब्धि साधारण नहीं है। जब देश आजाद हुआ, तब जो संभावनाएं थी, उन सभी संभावनाओं को निरस्त और परास्त करते हुए संविधान हमें यहां तक ले आया है।"
राहुल गांधी
राहुल गांधी ने भी दिया था भाषण
इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अडाणी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), वीर सावरकर और आरक्षण को लेकर सरकार को घेरा।
राहुल ने कहा, "RSS ने मनुस्मृति को संविधान से बेहतर बताया था। वीर सावरकर ने मनुस्मृति को संविधान से ऊपर बताया था।"
उन्होंने ये भी कहा कि वे 50 प्रतिशत आरक्षण की दीवार को तोड़ देंगे।
उन्होंने सरकार पर युवाओं, गरीबों और किसानों के अंगूठे काटने का आरोप लगाया।