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महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक संसद में पेश, परिसीमन पर विपक्ष ने जताई आपत्ति
संसद का विशेष सत्र आज से शुरू

महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक संसद में पेश, परिसीमन पर विपक्ष ने जताई आपत्ति

लेखन गजेंद्र
संपादन आबिद खान
Apr 16, 2026
12:50 pm

क्या है खबर?

संसद का विशेष सत्र आज से शुरू हो गया है, जिसमें 3 जरूरी विधेयक पेश किए जाएंगे। केंद्र सरकार द्वारा बुलाए गए इस सत्र का मुख्य मुद्दा संविधान संशोधन विधेयक है, जिसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना है। वहीं, विपक्ष ने परिसीमन का विरोध किया है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस ने कहा कि सरकार संविधान को हाईजैक कर रही है। DMK सांसद काले कपड़ों में संसद पहुंचे।

बयान

शाह बोले- विपक्ष ने बैठक में विरोध करना तय किया था

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "ये 2 कानून जरूरी थे, इसलिए साथ में लाए गए। अभी हम चर्चा करेंगे। विपक्ष ने कल बैठक में तय किया कि वे विरोध करेंगे इसीलिए हंगामा कर रहे हैं। अखिलेश पूछ रहे हैं जनगणना क्यों नहीं हो रही है। मैं बताना चाहता हूं जनगणना जारी है। उन्होंने कहा कि हम जातिगत जनगणना की मांग करेंगे। मैं बताना चाहता हूं कि सरकार इसका भी फैसला ले चुकी है।"

ट्विटर पोस्ट

प्रधानमंत्री बोले- देश ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा

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सवाल

विपक्ष ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

विपक्षी INDIA गठबंधन ने एक स्वर में सरकार के बुलाए गए सत्र और इसमें प्रस्तावित विधेयकों पर सवाल उठाए हैं। बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई गठबंधन की बैठक में सभी विपक्षी पार्टियों के सांसद शामिल हुए। बैठक के बाद खड़गे ने पत्रकारों को बताया कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है और वह हमेशा से इसके समर्थन में रहा है, लेकिन सरकार की मंशा ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि वे इसका विरोध करेंगे।

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विधेयक

स्टालिन ने विधेयक की प्रतियां जलाईं

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विधेयक की प्रतियां जलाईं। स्टालिन ने परिसीमन विधेयक को 'काला कानून' बताया और आरोप लगाया कि यह तमिल लोगों को उनकी ही भूमि में 'शरणार्थी' में बदलना चाहता है। उन्होंने कहा, "आज मैंने इस काले कानून की प्रति जलाकर और काला झंडा फहराकर उस आग को फिर से प्रज्वलित किया है। यह आग पूरे द्रविड़ भूमि में फैल जाएगी। यह भड़केगी और भाजपा के अहंकार को घुटनों पर ले आएगी।"

रिजिजू का बयान

किरेन रिजिजू बोले- राज्यों का प्रतिनिधित्व पहले जैसा ही रहेगा

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विधेयकों के पारित होने के बाद भी सभी राज्यों का आनुपातिक प्रतिनिधित्व पहले जैसा ही रहेगा। उन्होंने कहा, "संसद में इस बात को स्पष्ट किया जाएगा। महिला आरक्षण को किसी भी तरह के राजनीतिक एजेंडे के बराबर नहीं माना जा सकता और न ही इसका इस्तेमाल राजनीतिक फ़ायदे के लिए किया जा सकता है। विधेयक पहले ही पास हो चुका है, अब सिर्फ इसे लागू होने का मामला है।"

विधेयक

कौन-से 3 विधेयक लाई सरकार?

केंद्र सरकार जो 3 विधेयक लाई हैं, उसमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन (संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल है। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक में लोकसभा की सीटें 850 करने का प्रस्ताव है, जिससे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता खुलेगा। परिसीमन (संशोधन) विधेयक में परिसीमन आयोग के गठन और नई जनगणना आधारित सीटों का बंटवारा करने का प्रावधान है। तीसरे विधेयक में केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों में संशोधन का प्रावधान है।

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