
केंद्रीय एजेंसियों के 'दुरुपयोग' पर ममता ने लिखा विपक्षी पार्टियों को पत्र, बैठक करने को कहा
क्या है खबर?
सत्तारूढ़ भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्षी नेताओं को पत्र लिखकर बैठक करने को कहा है ताकि आगे का रास्ता निकाला जा सके।
रविवार को भेजे पत्र में ममता ने लिखा कि देश में कहीं भी चुनाव नजदीक होने पर भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करती है।
बता दें कि कई विपक्षी पार्टियां सरकार पर ऐसा आरोप लगा चुकी हैं।
पत्र
सबको साथ मिलकर दमनकारी ताकतों से लड़ने की जरूरत- ममता
ममता ने अपने पत्र में लिखा कि इस समय देश की सभी प्रगतिशील ताकतों को एक साथ मिलकर इस दमनकारी ताकत से लड़ने की जरूरत है। प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो, केंद्रीय सतर्कता आयोग और आयकर विभाग को देशभर में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने लिखा, "हम सबको मिलकर विपक्षी नेताओं को दबाने की मंशा के लिए भाजपा द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल का विरोध करना चाहिए।"
आरोप
ममता का आरोप- लोगों को नहीं मिल रहा न्याय
ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि 'पक्षपाती राजनीतिक दखल' के चलते लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है।
उन्होंने लिखा, 'मैं न्यायपालिका का सम्मान करती हूं, लेकिन फिलहाल कुछ पक्षपाती राजनीतिक दखल के चलते लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है, जो हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक प्रवृत्ति है। लोकतंत्र में न्यायपालिका, मीडिया और लोग महत्वपूर्ण स्तंभ होते हैं। किसी एक के भी लड़खड़ाने से पूरा तंत्र ढह जाएगा।'
जानकारी
ममता के भतीजे के खिलाफ जांच कर रही है ED
ममता बनर्जी ने यह पत्र ऐसे समय सामने आया है, जब उनके प्रवर्तन निदेशालय (ED) उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जांच कर रही है।
ED ने अभिषेक और उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी को कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया था, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पेश होने से इनकार कर दिया। उन्होंने इस नोटिस को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी है।
प्रतिक्रिया
अभिषेक का बचाव कर चुकी हैं ममता
ममता बनर्जी ने भी मामले में अपने भतीजे अभिषेक का बचाव किया है और भाजपा पर एजेंसियों के जरिए राजनीति करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उनके भतीजे और परिवार के पीछे अपनी एजेंसियां छोड़ी हुई हैं।
उन्होंने यह दावा भी किया था कि भाजपा के कुछ मंत्री कोयला माफिया से मिले हुए हैं।
बता दें कि ममता और भाजपा लगातार एक-दूसरे के निशाने पर रहते हैं।
ममता की महत्वाकांक्षा
न्यूजबाइट्स प्लस (जानकारी)
पिछले साल बंगाल चुनाव में भाजपा को बुरी तरह हराने के बाद ममता की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाएं बढ़ गई हैं और वह राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहती हैं और वो क्षेत्रीय पार्टियों के साथ मिलकर भाजपा के खिलाफ मोर्चा तैयार कर रही हैं।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उन्होंने समाजवादी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार किया था। साथ ही सभी क्षेत्रीय पार्टियों से भाजपा को हराने के लिए साथ आने का आह्वान भी किया था।