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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: दूसरे चरण की 142 सीटें कैसे तय करेंगी सत्ता का रास्ता?
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की सीटें सत्ता का रास्ता तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: दूसरे चरण की 142 सीटें कैसे तय करेंगी सत्ता का रास्ता?

लेखन आबिद खान
Apr 29, 2026
11:31 am

क्या है खबर?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के तहत आज दूसरे चरण की 142 सीटों पर मतदान हो रहा है।जिन 8 जिलों की सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, वो भाजपा के लिए लंबे समय से सबसे कठिन इलाका रहा है। वहीं, ये इलाके तृणमूल कांग्रेस (TMC) का गढ़ है, जिसने पार्टी को लगातार सत्ता तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई है। आइए दूसरे चरण की सीटों पर प्रदर्शन की अहमियत समझते हैं।

पिछले चुनाव

पिछले चुनाव में कैसा रहा था पार्टियों का प्रदर्शन?

विधानसभा चुनाव 2021 में इन सीटों पर TMC ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए 123 सीटें अपने नाम की थीं। वहीं, भाजपा को केवल 18 सीटें ही मिल पाईं थीं। वोट शेयर के लिहाज से दोनों पार्टियों में अंतर भी काफी ज्यादा था। TMC को लगभग 50 प्रतिशत वोट मिले और वह भाजपा से लगभग 13 प्रतिशत अंक आगे थी। पिछले चुनाव में भाजपा ने जो 77 सीटें जीती थीं, उनमें से ज्यादातर उत्तर बंगाल से थीं।

वर्तमान स्थिति

इस बार कितनी अलग है स्थिति?

इस बार भाजपा आक्रामक रणनीति के साथ चुनावी मैदान में है। वहीं, AIMIM और पूर्व TMC विधायक हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी के लिए परेशानियां खड़ी की हैं। राज्य की लगभग 27 प्रतिशत मुस्लिम आबादी 100 से ज्यादा सीटों पर अहम भूमिका निभाती है। ओवैसी और हुमायूं ने इस बार सीधे तौर पर इन इलाकों को निशाना बनाया है। अगर ये दोनों अल्पसंख्यक वोटों में 5 से 10 प्रतिशत की भी सेंध लगाते हैं, तो सीधा नुकसान TMC को होगा।

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TMC

TMC के लिए कितनी अहम हैं दूसरे चरण की सीटें?

ये इलाका TMC का गढ़ है। 2021 में TMC ने यहां की 91 सीटों पर 10 प्रतिशत से ज्यादा के अंतर से जीत दर्ज की थी। ये बताता है कि पार्टी को यहां कितना मजबूत जनसमर्थन मिलता है। 2011 में इसी इलाके में TMC ने अच्छा प्रदर्शन कर 34 साल के लेफ्ट शासन को खत्म किया था। ममता सरकार के आधे से ज्यादा मंत्री इन इलाकों की सीटों से जीतकर आते हैं।

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भाजपा

भाजपा के लिए अच्छा प्रदर्शन कितनी बड़ी चुनौती?

भाजपा के लिए दूसरे चरण का चुनाव करो या मरो जैसी स्थिति वाला है। अगर पार्टी को TMC को हटाकर सत्ता में आना है, तो इस चरण में ज्यादा सीटें जीतनी होंगी। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने यहां की सीटों पर रैलियों की झड़ी लगा दी थी। पार्टी का मानना है कि दक्षिण बंगाल में अगर अच्छा प्रदर्शन कर दिया तो सत्ता तक पहुंचना नामुमकिन नहीं होगा।

बड़े चेहरे

भवानीपुर में भाजपा-TMC में प्रतिष्ठा की लड़ाई

ममता भवानीपुर सीट से चुनावी मैदान में हैं। उनके सामने भाजपा के सुवेंदु अधिकारी हैं। यह मुकाबला दोनों पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई है। 2021 में शुभेंदु ने नंदीग्राम से ममता को हराया था। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम कोलकाता पोर्ट से, वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य दमदम उत्तर से, वाणिज्य-उद्योग मंत्री शशि पांजा श्यामपुकुर से, विद्युत मंत्री अरूप बिस्वास टॉलीगंज से, शिक्षा मंत्री ब्रात्या बसु दमदम से, आपातकालीन सेवा मंत्री सुजीत बसु बिधाननगर से चुनाव लड़ रहे हैं।

महिलाएं

अहम रहेंगी महिला मतदाताओं की भूमिका?

जिन 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, उसमें से 23 सीटों पर महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है। जादवपुर में सबसे अधिक महिला मतदाता हैं। यहां पुरुषों के मुकाबले 11,759 महिला मतदाता ज्यादा हैं। इसके अलावा पानीहाटी, बेहाला पश्चिम, बेहाला पूर्व, लीगंज, दम दम, बिधाननगर, राजारहाट गोपालपुर, राशबिहारी, बारानगर और बर्दवान दक्षिण में भी महिला वोटरों की संख्या पुरुषों से ज्यादा है। ऐसे में दूसरे चरण में महिला मतदाताओं की भागीदारी निर्णायक होगी।

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