'भारत भाग्य विधाता' के मुरीद हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, दर्शकों से की ये खास अपील
क्या है खबर?
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अभिनेत्री कंगना रनौत की हालिया रिलीज फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' की जमकर सराहना की है। फिल्म के एक विशेष कार्यक्रम के दौरान गडकरी इस सिनेमाई प्रयास के मुरीद नजर आए और उन्होंने इसके संदेश को बेहद प्रभावशाली बताया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने देश की जनता और विशेषकर युवाओं से एक खास अपील करते हुए कहा कि वे इस फिल्म को जरूर देखें। क्या कुछ बोले गडकरी, आइए जानते हैं।
कार्यक्रम
नागपुर में 'भारत भाग्य विधाता' के प्रीमियर पर बोले गडकरी
गडकरी ने महाराष्ट्र के नागपुर में फिल्म के प्रीमियर में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के समय कामा अस्पताल की नर्सों द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस को वास्तविक तरीके से दिखाने के लिए फिल्म की जमकर सराहना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ये फिल्म उस दर्दनाक आतंकी हमले की यादों को ताजा करती है और संकट के समय स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दिखाए गए असाधारण साहस की ओर ध्यान खींचती है।
प्रेरणा
"युवाओं में जगाएगी देशसेवा का जज्बा"
गडकरी ने पत्रकारों से कहा, "भारत भाग्य विधाता अतीत की यादों को जगाती है। जब मुंबई में आतंकी हमला हुआ था, तब मैं वहीं था। VT स्टेशन पर हमला करने के बाद आतंकवादी कामा अस्पताल में घुस गए थे। इस फिल्म में वहाँ की नर्सों द्वारा लोगों की जान बचाने के लिए दिखाए गए अदम्य साहस को बेहद वास्तविक तरीके से दर्शाया गया है। मुझे उम्मीद है कि यै युवाओं को पूरे समर्पण के साथ देशसेवा करने की प्रेरणा देगी।"
सराहना
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी की फिल्म की जमकर तारीफ
बता दें कि इससे पहले कंगना अपनी फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' की एक विशेष स्क्रीनिंग के लिए देश की राजधानी नई दिल्ली पहुंची थीं। इस खास मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी उनके साथ शामिल हुईं। दोनों ने एक साथ बैठकर फिल्म देखी। इस शानदार स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म की कहानी और इसके मजबूत संदेश को लेकर काफी सकारात्मक चर्चाएं हुईं और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सिनेमाई पर्दे पर दिखाए गए इस अनूठे प्रयास की सराहना की।
कहानी
'मूक रक्षकों' की कहानी लेकर आईं कंगना
कंगना के दमदार अभिनय से सजी फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' अपना ध्यान देश के जाने-माने नायकों से हटाकर उन नर्सों और वार्ड बॉयज पर केंद्रित करती है, जिन्होंने भारत के सबसे काले अध्यायों में से एक (26/11 हमले) के दौरान मूक रक्षक के रूप में काम किया था। वास्तविक घटनाओं पर आधारित ये फिल्म स्वास्थ्य कर्मियों और सहायक कर्मचारियों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है। कंगना इस फिल्म की सह-निर्माता भी हैं।