स्थानीय मुद्दों पर फोकस, केंद्रीय नेतृत्व को रखा दूर; BMC में भाजपा की जीत की कहानी
क्या है खबर?
महाराष्ट्र के नगर निगम चुनाव में भाजपा को बड़ी सफलता मिली है। 29 नगर निगमों में से 25 में भाजपा गठबंधन आगे है। वहीं, सबसे अहम बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में भी भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है और 28 साल बाद अपना मेयर बनाने जा रही है। BMC में भाजपा का ये अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन है। आइए जानते हैं BMC में भाजपा ने कैसे लिखी जीत की कहानी।
रणनीति
काम कर गई मुख्यमंत्री फडणवीस की रणनीति
भाजपा के नेता इस जीत का श्रेय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दे रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए स्थानीय भाजपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने ऐसे उम्मीदवारों को चुना, जिनकी स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ थी और चुनावी अभियान को सड़कों, स्वच्छता और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे नागरिक मुद्दों पर केंद्रित रखा। इससे पार्टी को उन इलाकों से मतदाताओं को आकर्षित करने में मदद मिली, जहां बंटवारे के बाद शिवसेना कमजोर हो गई थी।
अध्यक्ष
भाजपा राज्य अध्यक्ष चव्हाण की भूमिका
इस सफलता में भाजपा के महाराष्ट्र अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की भूमिका भी अहम रही। उनकी शहरी मतदाताओं के व्यवहार की समझ और संगठनात्मक अनुशासन ने पार्टी के जमीनी अभियान को दिशा दी। पिछले साल जनवरी में जब चव्हाण ने अध्यक्ष पद संभाला, तो उन्होंने 1.5 करोड़ प्राथमिक सदस्यों को नामांकित करने का लक्ष्य रखा। इस लक्ष्य को समय से पहले हासिल कर लिया गया। इससे पार्टी को मजबूत संगठन के साथ चुनावों में उतरने का मौका मिला।
बयान
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को रखा प्रचार से दूर
इंडियन एक्सप्रेस से एक भाजपा पदाधिकारी ने कहा, "फडणवीस ने जिम्मेदारी उठाने का जोखिम उठाया, यह जानते हुए भी कि उद्धव और राज का साथ आना मराठी अस्मिता के भावनात्मक मुद्दे को हवा दे सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय भाजपा नेताओं की रैलियां नहीं करवाने का फैसला लिया गया। यह ठाकरे को गुजरात विरोधी, उत्तर भारत विरोधी अभियान को हवा देने का मौका देने से रोकने के लिए एक रणनीतिक कदम था।"
उम्मीदवार
जीताऊ उम्मीदवारों के लिए खोले दरवाजे
भाजपा ने विपक्षी पार्टियों के जीताऊ उम्मीदवारों के लिए अपने दरवाजे खोले। यह तोड़-फोड़ की राजनीति पहले भी भाजपा के लिए कारगर साबित हुई थी, क्योंकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और शिवसेना दोनों में टूट के चलते सैकड़ों कार्यकर्ता असंतुष्ट थे। साथ ही भाजपा ने महायुति और महा विकास अघाड़ी दोनों के बीच मतभेदों को उजागर किया, लेकिन खुद के असंतुष्ट नेताओं को साधा। यह बड़े पैमाने पर पार्टी के लिए फ़ायदेमंद साबित हुआ।
बाल ठाकरे
फडणवीस बोले- हमें बालासाहेब का आशीर्वाद मिला
जीत के बाद फडणवीस ने कहा, "भाजपा ने विकास का एजेंडा पेश किया। हमने इसे लोगों के सामने रखा और उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। हमें कई नगर निगमों में रिकॉर्ड तोड़ जनादेश मिला है और यह इस बात पर जोर देता है कि लोग ईमानदारी और विकास चाहते हैं। इसीलिए लोगों ने भाजपा को वोट दिया। बाला साहेब ठाकरे का आशीर्वाद हमें मिला है। लोगों को सिर्फ और सिर्फ विकास चाहिए।"