LOADING...
संसद में गृह मंत्री बोले- स्पीकर सभी के, उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अफसोसजनक
संसद के बजट सत्र के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने सदन को संबोधित किया (फाइल तस्वीर)

संसद में गृह मंत्री बोले- स्पीकर सभी के, उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अफसोसजनक

लेखन आबिद खान
Mar 11, 2026
05:37 pm

क्या है खबर?

संसद के बजट सत्र में आज लोकसभा स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ये प्रस्ताव अफसोसजनक है। उन्होंने कहा, "जब इस पंचायत के मुखिया पर सवालिया निशान लगता है, तो पूरे देश में नहीं, बल्कि दुनिया में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठता है। करीब 4 दशक बाद स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया है। संसदीय राजनीति और इस सदन दोनों के लिए यह अफसोस की बात है।"

बयान

शाह बोले- सभी पार्टियों ने स्पीकर की नियुक्ति की

शाह ने कहा, "आज विपक्ष ने स्पीकर की निष्ठा पर सवाल खड़ा किया है। लोकसभा भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत है। पूरी दुनिया इस लोकतंत्र की प्रतिष्ठा को स्वीकार करती है। आमतौर पर स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं आता है। चैंबर में बात हो सकती है। दिक्कतें दूर की जाती हैं, लेकिन यहां चैंबर में जाकर उनकी सुरक्षा को खतरा पहुंचाते हैं। स्पीकर की जब नियुक्ति हुई, तब सभी पार्टियों ने एक साथ उन्हें बैठाया था।"

नियम

ये सदन नियमों के हिसाब से ही चलेगा- शाह

शाह ने कहा, "सदन आपसी विश्वास से चलता है। सदन कोई मेला नहीं है, नियमों के अनुसार चलता है। जब आप सदन के नियमों को नजरअंदाज करोगे, तो स्पीकर का दायित्व है कि इसे रोके और टोके। ये अधिकार ये नियम हमने नहीं बनाए। ये नेहरू के समय में बने हैं। सबको नियमों के अनुसार बोलना पड़ेगा, चाहे वह कोई भी हो। कभी हमें अनुकूल नहीं लगेगा, कभी विपक्ष को, लेकिन स्पीकर की निष्ठा पर सवाल उठाना निंदनीय है।"

Advertisement

स्पीकर

शाह ने कहा- नियम तोड़ने पर रोकना स्पीकर का दायित्व

शाह ने कहा, "जब सदन के नियमों को नजरअंदाज करोगे तो स्पीकर का दायित्व है कि रोके-टोके और बाहर करे। ये अधिकार, ये नियम हमारे समय में नहीं बने, ये नियम नेहरू के समय के हैं। यहां मर्जी से नहीं बोला जा सकता। स्पीकर की निष्ठा पर शंका नहीं करनी चाहिए। हम सब स्पीकर के महत्व का जानते हैं। व्यवस्था और शिष्टाचार को बनाए रखना, स्पीकर का काम है। कोई भी व्यक्ति खड़ा होकर कुछ भी बोलेगा, ऐसा नहीं चलेगा।"

Advertisement

राहुल का बयान

राहुल बोले- हमें बोलने से रोका जा रहा

राहुल गांधी ने कहा, "हम जब भी बोलने को होते हैं हमे रोका-टोका जाता है। हर समय हमें बोलने से रोका गया। आखिरी बार बोलते हुए मैंने प्रधानमंत्री की ओर से कॉम्प्रोमाइज का मुद्दा उठाया था। सदन देश का प्रतिनिधित्व करता है। पहली बार विपक्ष के नेता को नहीं बोलने दिया गया। प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं।" इस पर रविशंकर प्रसाद ने आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का भारत कभी कॉम्प्रोमाइज्ड नहीं होगा।

प्रस्ताव

संसद में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हो रही चर्चा 

स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाया है। इस पर चर्चा के लिए 10 घंटे निर्धारित किए गए हैं। बता दें कि विपक्षी सांसद ओम बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। विपक्ष का कहना है कि स्पीकर सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। वहीं, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि स्पीकर पर लगे आरोप झूठे हैं और वे निष्पक्षता से सदन चलाते हैं।

Advertisement