
कुणाल कामरा के "गद्दार" कहने पर एकनाथ शिंदे का बयान आया, बोले- एक सीमा होनी चाहिए
क्या है खबर?
कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा "गद्दार" कहे जाने के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है।
उन्होंने BBC मराठी के एक कार्यक्रम में कहा कि वह व्यंग्य को समझते हैं, लेकिन इसकी भी एक सीमा होनी चाहिए।
इस दौरान उन्होंने शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा मुंबई हैबिटेट स्टूडियो में की गई तोड़फोड़ का समर्थन किया और बोले कि "क्रिया की प्रतिक्रिया" होती है।
उन्होंने इस तरह के आरोपों को "सुपारी" पर आधारित मामला बताया।
बयान
शिंदे ने क्या कहा?
शिंदे ने कहा, "मैं आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं देता। ढाई साल से लोग सरकार बनने के पहले दिन से ही लगातार आरोप लगा रहे हैं। अगर जनता ने पार्टी और धनुष-बाण चोरी के आरोप के बावजूद हमें जनादेश दिया है, तो आपको समझना चाहिए कि देशद्रोही कौन है और स्वार्थी कौन है।"
उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ठीक है, लेकिन अगर आप इसका दुरुपयोग करेंगे तो, ये एक तरह का व्यभिचार, अत्याचार और "सुपारी" पर आधारित भाषण है।
बयान
तोड़फोड़ को लेकर क्या बोले शिंदे?
उन्होंने कहा कि वह कभी भी बर्बरता का समर्थन नहीं करते, लेकिन आरोप लगाते समय, इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आरोप किस स्तर पर लगाया गया है, उसकी सीमा होनी चाहिए।
उन्होंने तोड़फोड़ को लेकर कहा, "मैं बहुत संवेदनशील हूं, मैं आरोपों का जवाब काम से देता हूं। मैं इसका (तोड़फोड़) समर्थन नहीं करता। लेकिन यह पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं के कारण हुआ। हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है, लेकिन मैं इसका समर्थन नहीं करता।"
हमला
कामरा के बारे में क्या बोले शिंदे?
शिंदे ने कहा कि कामरा ने उनके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्य न्यायाधीश, निर्मला सीतारमण, अमित शाह और उद्योगपतियों के खिलाफ क्या कुछ नहीं कहा है?
उन्होंने कहा कि कामरा ने पत्रकार अर्नब गोस्वामी से झगड़ा किया, जिससे उसे उड़ान से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
उन्होंने कॉमेडियन कामरा को ऐसा व्यक्ति बताया जो माहौल को खराब करता है और कानून व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित करता है।
विवाद
क्या है मामला?
कामरा ने हाल में मुंबई में स्थित द यूनिकॉन्टिनेंटल होटल के अंदर बने मुंबई हैबिटेट स्टूडियो में 'नया भारत' नाम का कार्यक्रम किया था, जिसमें उन्होंने शिंदे का नाम लिए बगैर उन्हें "गद्दार" बताया।
इसके बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं ने होटल और स्टूडियो में तोड़फोड़ की।
पुलिस ने कामरा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और तोड़फोड़ मामले में 20 शिवसैनिकों को हिरासत में लिया।
मुंबई हैबिटेट ने स्टूडियो बंद कर दिया है। कामरा ने माफी मांगने से इंकार किया है।