
प्रियंका गांधी की देखरेख में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी कांग्रेस- राज्य प्रमुख
क्या है खबर?
कांग्रेस प्रियंका गांधी की देखरेख में अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में उतरेगी।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय सिंह लल्लू ने यह बात कहते हुए उम्मीद जताई कि प्रियंका के नेतृत्व में उनकी पार्टी तीन दशक बाद सत्ता में वापसी करने में कामयाब होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के पास सपा या बसपा के साथ न जाकर अपने दम पर चुनाव लड़ने और सरकार बनाने की योग्यता है।
दावा
लल्लू बोले- प्रदेश में बह रही है बदलाव की आंधी
समाचार एजेंसी PTI को दिए इंटरव्यू में लल्लू ने कहा कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश सरकार के लिए प्रमुख चुनौती के रूप में उभरी है और महज पांच विधायकों के साथ उसने सपा से ज्यादा प्रभावी तरीके से विपक्ष की भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, "राज्य में बदलाव की हवा बह रही है। बदलाव की आंधी है, जिसका नाम प्रियंका गांधी है। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कांग्रेस का संगठन मजबूत हुआ है।"
विधानसभा चुनाव
प्रियंका की देखरेख में लड़ा जाएगा चुनाव- लल्लू
जब उनसे पूछा गया कि क्या प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाएगा तो लल्लू ने कहा कि यह पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा।
दोबारा जब उनसे पूछा गया कि क्या चुनावों में प्रियंका कांग्रेस का चेहरा होंगी तो उन्होंने जवाब दिया कि वो प्रदेश प्रभारी हैं और उनकी देखरेख में चुनाव लड़ा जाएगा।
लल्लू ने कहा कि कार्यकर्ताओं में जोश है और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी।
बयान
"कांग्रेस के पास अकेले चुनाव लड़ने की काबिलियत"
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी इस महीने राज्य के कई जिलों का दौरा कर कार्यकर्ताओं से मिलेंगी और विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेंगी।
जब लल्लू से पूछा गया कि क्या कांग्रेस सपा या बसपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ेगी तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों, गरीबों, महिलाओं और शोषित वर्ग के मुद्दों के साथ गठबंधन करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के पास उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने की काबिलियत है।
उत्तर प्रदेश
कांग्रेस ने हर मुद्दे पर आवाज बुलंद की- लल्लू
अजय सिंह लल्लू ने कहा कि लोगों ने दूसरी पार्टियों को वोट देकर देख लिया है। कोई भी दल उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। अब कांग्रेस की बारी है।
कुछ लोगों द्वारा कांग्रेस को हल्के आंकने के सवाल पर लल्लू ने कहा कि अगर कोई भाजपा सरकार के खिलाफ सड़कों पर आवाज उठा रही है तो यह कांग्रेस पार्टी है, जो एक मजबूत विपक्ष बनकर सामने आई है। कांग्रेस ने हर मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद की है।
उत्तर प्रदेश
बड़ी पार्टियों के साथ नहीं जाएगी सपा, अकेली लड़ेगी बसपा
उत्तर प्रदेश में अकेले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले अखिलेश यादव ने ऐलान कर दिया है कि समाजवादी पार्टी किसी भी बड़े दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
वहीं मायावती ने कहा है कि बसपा अकेले चुनावी मैदान में उतरेगी।
बता दें कि 2017 में समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के साथ मिलकर के विधानसभा चुनाव लड़ा था। दो साल बाद हुए लोकसभा चुनावों में सपा ने बसपा से हाथ मिलाया था।