पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने दिया इस्तीफा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उठाए सवाल
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा दिल्ली में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को सौंपा। पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्यपाल का ये कदम बेहद चौंकाने वाला माना जा रहा है। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने ट्वीट कर इस इस्तीफे पर गहरी चिंता और नाराजगी जताई।
जिम्मेदारी
आरएन रवि संभालेंगे बंगाल की कमान
आनंद बोस ने दिल्ली में अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से सौंपा। राज्यपाल पद से इस्तीफा देने के बाद आनंद बोस ने PTI को बताया, "मैंने गवर्नर के ऑफिस में काफी समय बिताया है।" प्राप्त जानकारी के मुताबिक, तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त और अस्थायी दायित्व सौंपा गया है। बता दें कि सीवी आनंद बोस की नियुक्ति नवंबर, 2022 को हुई थी, जब तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ देश के उपराष्ट्रपति चुन लिए गए थे।
निशाना
राज्यपाल के इस्तीफे पर ममता का केंद्र पर निशाना
ममता बनर्जी ने ट्वीट कर इस इस्तीफे पर चिंता जताई और इसे आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा है। मुख्यमंत्री ने आशंका जताई कि आगामी चुनावों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने राजनीतिक हित साधने के लिए राज्यपाल पर दबाव बनाया होगा। ममता ने एक्स पर लिखा, 'मैं इस इस्तीफे से स्तब्ध हूं। मौजूदा हालात को देखते हुए मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर राज्यपाल को किसी खास राजनीतिक एजेंडे के लिए पद छोड़ने पर मजबूर किया गया हो।'
ट्विटर पोस्ट
यहां देखिए मुख्यमंत्री का पोस्ट
I am shocked and deeply concerned by the sudden news of the resignation of Shri C. V. Ananda Bose, the Governor of West Bengal.
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) March 5, 2026
The reasons behind his resignation are not known to me at this moment. However, given the prevailing circumstances, I would not be surprised if the…
इस्तीफा
लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने भी दिया इस्तीफा
दूसरी ओर लद्दाख में भी एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने भी आज अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कविंदर ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेजा। उनका कार्यकाल मात्र 8 महीने का रहा। उन्होंने जुलाई, 2025 में कार्यभार संभाला था, जिसे देखते हुए इस इस्तीफे को काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि, अभी इस्तीफे की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है।