
AAP और कांग्रेस की पंजाब इकाइयां गठबंधन के खिलाफ, क्या INDIA के रंग में पड़ेगा भंग?
क्या है खबर?
पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता राज्य में एक-दूसरे के साथ गठबंधन करने के खिलाफ हैं।
AAP सरकार की एक मंत्री ने गठबंधन करने की बात से साफ इनकार कर दिया, जबकि पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने भी गठबंधन के खिलाफ आवाज उठाई है।
पंजाब में यह राजनीतिक घटनाक्रम विपक्षी गठबंधन INDIA के लोकसभा चुनाव एक साथ लड़ने की योजना में खलल डाल सकता है।
बयान
सभी 13 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी AAP- पंजाब की मंत्री
पंजाब सरकार में मंत्री अनमोल गगन मान ने कहा कि राज्य में कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा और AAP खुद अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के साथ गठबंधन का फैसला आलाकमान करेगा, लेकिन AAP पंजाब की सभी 13 लोकसभा सीटों पर अपने चुनाव चिन्ह पर खुद चुनाव लड़ेगी। हम पंजाब में कांग्रेस के साथ कोई समझौता नहीं कर सकते।"
गठबंधन
पंजाब के कांग्रेस नेता भी गठबंधन के खिलाफ
पंजाब में कांग्रेस के कई नेता भी अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में AAP के साथ गठबंधन करने के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
इंडिया टुडे के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिदर सिंह राजा वारिंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा से AAP के साथ गठबंधन करने के खिलाफ उनकी भावनाओं को पार्टी आलाकमान तक पहुंचाने के लिए कहा है।
बयान
राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा करेंगे- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष वारिंग ने गठबंधन का विरोध कर रहे पार्टी के नेताओं को लेकर कहा कि इस मुद्दे को पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा, "ऐसे कई लोग हैं जो इसके (गठबंधन) पक्ष में हैं और कुछ खिलाफ हैं। यह पार्टी का आंतरिक मामला है। हम अपने नेतृत्व के साथ चर्चा करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हमें सभी 13 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहने को कहा है।"
सीट
विपक्ष ने अभी सीट बंटवारे पर नहीं की है चर्चा
विपक्षी गठबंधन INDIA की हालिया बैठक 31 अगस्त और 1 सितंबर को मुंबई में हुई थी। हालांकि, इस बैठक में भी राज्यों में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
विपक्ष ने इस बैठक में लोकसभा चुनाव में जहां तक संभव हो एक साथ लड़ने का संकल्प लेते हुए कहा था कि राज्यों में सीट बंटवारे पर फैसला सहयोगी भावना के साथ जल्द से जल्द लिया जाएगा।
चुनाव
न्यूजबाइट्स प्लस
अगर 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के नतीजों की बात करें तो कांग्रेस ने पंजाब की 13 में से 8 सीटों पर जीत हासिल की थी। शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भाजपा 2-2 सीटों पर जीती थीं, जबकि AAP सिर्फ 1 सीट जीतने में कामयाब हो पाई थी।
हालांकि, 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP ने 117 सीटों में से 92 सीटें हासिल करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी और कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था।