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वजन घटाने वाले इंजेक्शन बनते हैं तीव्र पैंक्रियाटाइटिस का कारण, ब्रिटेन के नियामक ने दी चेतावनी

वजन घटाने वाले इंजेक्शन बनते हैं तीव्र पैंक्रियाटाइटिस का कारण, ब्रिटेन के नियामक ने दी चेतावनी

लेखन सयाली
Jan 30, 2026
04:06 pm

क्या है खबर?

आजकल लोग पतले होने के आसान रास्ते के रूप में वजन घटाने वाले इंजेक्शन लगवा लेते हैं। इनके परिणाम तो नजर आते हैं, लेकिन ये आपके शरीर में कई तरह के रोग पैदा कर सकते हैं। जी हां, अब सामने आया है कि वजन घटाने वाले इंजेक्शन लगवाने से तीव्र पैंक्रियाटाइटिस का खतरा रहता है। यह पेट के पीछे स्थित पैंक्रियास में होने वाली सूजन है, जो पाचन एंजाइम के समय से पहले सक्रिय हो जाने के कारण होती है।

पैंक्रियाटाइटिस

क्या होता है पैंक्रियाटाइटिस?

पैंक्रियाटाइटिस पेट से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें सूजन और दर्द महसूस होता है। इसके 2 प्रकार होते हैं, जो तीव्र और दीर्घकालिक हैं। तीव्र पैंक्रियाटाइटिस अचानक होता है और समय पर इलाज करवाने से ठीक हो सकता है। इस बीमारी की वजह से खाना खाने के बाद पेट में जलन हो सकती है और सूजन आ सकती है। इसके मुख्य लक्षणों में दर्द, मतली, कमजोरी, बुखार और तेजी से वजन घटना शामिल हैं।

मामला

औषधि नियामक ने कही यह बात

ब्रिटेन के औषधि नियामक ने चतवनी दी है कि वजन घटाने वाले इंजेक्शन लेने वाले मरीज तीव्र पैंक्रियाटाइटिस का शिकार हो सकते हैं। वेगोवी, ओजेम्पिक और मौनजारो जैसी दवाइयों में इस बीमारी को 'असामान्य' प्रतिक्रिया के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। दावे के मुताबिक, यह लगभग 100 रोगियों में से एक को हो सकती है। हालांकि, इसका खतरा फिर भी बना हुआ है, जिसे नजरअंदाज करना समझदारी नहीं होगी।

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रिपोर्ट

2025 में तेजी से बढ़े पैंक्रियाटाइटिस के मामले

पैंक्रियाटाइटिस को दुर्लभ बीमारी मानते हुए, गुरुवार को औषधि और स्वास्थ्य देखभाल उत्पाद नियामक एजेंसी (MHRA) ने अपने दिशानिर्देशों में बदलाव किए। यह प्रतिक्रिया इसलिए की गई, क्योंकि इस बीमारी के मामले पिछले कुछ सालों में काफी बढ़ गए हैं। यूनाइटेड किंगडम (UK) में अब तक तीव्र और दीर्घकालिक पैंक्रियाटाइटिस के 1,143 मामले सामने आए हैं। इनमें से कई ने सेमाग्लूटाइड या तिरजेपाटाइड दवाइयां ली थीं।

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आंकड़े

क्या कहते हैं आंकड़े?

2025 में पैंक्रियाटाइटिस के लगभग 973 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 807 तिरजेपेटाइड से संबंधित थे और 166 सेमाग्लूटाइड से जुड़े हुए थे। अब तक लिराग्लूटाइड लेने वालों में तीव्र और दीर्घकालिक पैंक्रियाटाइटिस के 146 मामले और डुलाग्लूटाइड लगवाने वालों में कुल 61 मामले सामने आए हैं। बता दें कि वजन घटाने वाली दवाइयां लेने वाले 17 लोगों की इस बीमारी के कारण जान भी चली गई है।

सलाह

डॉक्टर ने दी यह सलाह

MHRA की मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉक्टर एलिसन केव ने कहा, "इन गंभीर दुष्प्रभावों के विकसित होने का जोखिम बहुत कम है, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि रोगी और स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर इन लक्षणों के बारे में जागरूक और सतर्क रहें।" अगर ये दवाइयां लेने वाले किसी व्यक्ति को लगातार तेज पेट दर्द हो तो उन्हें तुरंत स्वास्थ्य जांच करवानी चाहिए। यह दर्द पीठ तक भी फैल सकता है और उलटी और चक्कर का भी कारण बन सकता है।

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