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बंगाली खाने का अहम हिस्सा है पोस्तो, जानिए इससे बनाए जाने वाले पारंपरिक व्यंजन
पोस्तो से बनने वाले बंगाली व्यंजन

बंगाली खाने का अहम हिस्सा है पोस्तो, जानिए इससे बनाए जाने वाले पारंपरिक व्यंजन

लेखन सयाली
Jun 07, 2026
11:55 am

क्या है खबर?

पश्चिम बंगाल में पोस्तो का इस्तेमाल कई पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है। इसे हिंदी में खसखस कहते हैं, जो अफीम के पौधे के छोटे और हल्के पीले रंग के बीज होते हैं। इसे अन्य सामग्रियों के साथ मिलाकर कई स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए जाते हैं। पोस्तो न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है। आइए आज हम आपको पोस्तो से बनाए जाने वाले कुछ बेहतरीन बंगाली व्यंजनों की जानकारी देने वाले हैं।

#1

पोस्तो दालना

पोस्तो दालना एक खास बंगाली सब्जी है, जिसमें सब्जियों को पोस्तो के पेस्ट के साथ पकाया जाता है। इसमें आमतौर पर आलू और अन्य सब्जियां डाली जाती हैं, जिन्हें आप अपनी पसंद के अनुसार भी चुन सकते हैं। इसमें पोस्तो का पेस्ट मिलाने से सब्जी का स्वाद और भी बढ़ जाता है। यह सब्जी रोटी या चावल, दोनों के साथ अच्छी लगती है और इसका स्वाद बहुत ही लाजवाब होता है।

#2

पोस्तो शुक्तो

शुक्तो एक पारंपरिक बंगाली सब्जी का मिश्रण है, जिसमें अलग-अलग सब्जियों को सूखे मेवों और मसालों के साथ पकाया जाता है। इसमें पोस्तो का पेस्ट मिलाने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। सामान्य शुक्तो में सरसों के पेस्ट का उपयोग होता है, लेकिन कुछ पारंपरिक घरों में इसे पोस्तो से बनाया जाता है। इस व्यंजन को बनाना थोड़ा समय लेता है, लेकिन इसका स्वाद आपको जरूर पसंद आएगा।

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#3

द्यरोष पोस्तो

द्यरोष पोस्तो बंगाली घरों में रोजमर्रा के खान-पान में बनने वाली एक खास सब्जी है। इसे भिंडी से बनाया जाता है, जिसका मसाला पोस्तो से तैयार होता है। इसके लिए पहले भिंडी को अच्छी तरह धोकर काटा जाता है और भून लिया जाता है। इसके बाद इसे एक गाढ़ी और मसालेदार पोस्तो की ग्रेवी में पकाया जाता है। इसे लोग रोटी के साथ खाना ज्यादा पसंद करते हैं। साथ ही इसे साइड डिश के रूप में भी खाते हैं।

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#4

आलू पोस्तो

आलू पोस्तो एक बेहद स्वादिष्ट व्यंजन है, जिसे आलू और पोस्तो के पेस्ट से बनाया जाता है। इसमें सरसों का तेल, हरी मिर्च और अन्य मसाले मिलाए जाते हैं, जिससे इसका स्वाद बेहद लाजवाब बनता है। इसे बनाना आसान है और यह रोजमर्रा के खाने में शामिल किया जा सकता है। इन सभी व्यंजनों को बनाने में थोड़ी मेहनत लगती है, लेकिन इनके स्वाद का आनंद लेना वाकई बहुत सुखद अनुभव है।

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