कोलेस्ट्रॉल को लेकर फैली हैं ये आम भ्रांतियां, इनका सच से नहीं है वास्ता
क्या है खबर?
दिल की बीमारियों के खतरे को बढ़ाने में कोलेस्ट्रॉल की बड़ी भूमिका होती है। हालांकि, कोलेस्ट्रॉल को लेकर लोगों में कई गलतफहमियां प्रचलित हैं, जिन्हें सही मानकर लोग गलत फैसले लेते हैं। आइए आज हम आपको कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी 5 ऐसी आम गलतफहमियों के बारे में बताते हैं, जिनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है और इनका सेहत पर गलत असर पड़ सकता है। इससे आपको कोलेस्ट्रॉल के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी।
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भ्रांति 1: सभी कोलेस्ट्रॉल होते हैं नुकसानदायक
शायद यह सबसे आम गलतफहमी है कि सभी प्रकार के कोलेस्ट्रॉल नुकसानदायक होते हैं, लेकिन यह बात सच नहीं है। हमारे शरीर में 2 प्रकार के कोलेस्ट्रॉल होते हैं, जिनमें से एक अच्छा कोलेस्ट्रॉल और दूसरा खराब कोलेस्ट्रॉल होता है। अच्छा कोलेस्ट्रॉल दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है, जबकि खराब कोलेस्ट्रॉल के ज्यादा होने से दिल की बीमारी का खतरा बढ़ता है। इसीलिए, ऐसे खाद्य पदार्थ फायदेमंद होते हैं, जिनमें अच्छा कोलेस्ट्रॉल हो।
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भ्रांति 2: पतले लोगों को नहीं होता कोलेस्ट्रॉल का ज्यादा खतरा
पतले लोग इस बात को सच मानते हैं कि उन्हें ज्यादा कोलेस्ट्रॉल नहीं हो सकता, जबकि ऐसा नहीं है। ज्यादा कोलेस्ट्रॉल की समस्या किसी भी व्यक्ति को हो सकती है, चाहे वह कितना भी पतला या मोटा हो। मोटापे से ग्रस्त लोगों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है, लेकिन पतले लोगों में भी यह समस्या हो सकती है। इसके अलावा ज्यादा कोलेस्ट्रॉल परिवार से भी आ सकता है।
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भ्रांति 3: स्तर अधिक बढ़ने पर ही चलता है कोलेस्ट्रॉल का पता
अधिकांश लोग इस बात को सच मानते हैं कि ज्यादा कोलेस्ट्रॉल का पता तभी चलता है जब उसका स्तर बहुत अधिक हो जाएं, लेकिन यह सही नहीं है। ज्यादा कोलेस्ट्रॉल का पता तभी चल सकता है, जब व्यक्ति करवाए गए खून के परीक्षण में इसके स्तर को खुद देखे। कोलेस्ट्रॉल का स्तर 200mg/dL से ज्यादा होने पर इसे ज्यादा माना जाता है। इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल का पता तभी चलता है, जब लोग खून का परीक्षण करवाते हैं।
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भ्रांति 4: सिर्फ चर्बी वाले खाद्य पदार्थों से ही बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल
कई लोग इस बात को सच मानते हैं कि सिर्फ चर्बी वाले खाद्य पदार्थों से ही ज्यादा कोलेस्ट्रॉल होता है, लेकिन यह आधा सच है। चर्बी युक्त खाद्य पदार्थ ज्यादा कोलेस्ट्रॉल का कारण बन सकते हैं, लेकिन इसके पीछे अन्य कारण भी होते हैं। इनमें परिवार से मिली आदतें, शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान, शराब का अधिक सेवन और अस्वास्थ्यकर डाइट भी योगदान देते हैं। इसलिए, सिर्फ चर्बी युक्त खाद्य पदार्थों को ही इसका कारण मानना गलत है।