यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं ये 5 स्थल, एक बार जरूर करें इनका रुख
क्या है खबर?
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल ऐसे स्थान होते हैं, जिन्हें मानवता के लिए 'असाधारण सार्वभौमिक महत्व' के रूप में मान्यता प्राप्त होती है। इन्हें 1972 के यूनेस्को विश्व धरोहर सम्मेलन के तहत संरक्षित किया जाता है। भारत में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में अब तक 40 स्थल शामिल हैं। आइए आज हम आपको 5 भारतीय यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के बारे में बताते हैं, जहां आपको अपने जीवन में कम से कम एक बार जरूर जाना चाहिए।
#1
अजंता-एलोरा गुफाएं
महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित अजंता-एलोरा गुफाएं करीब 2,000 साल पुरानी हैं और इन्हें यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी गई है। अजंता गुफाओं में बौद्ध धर्म से संबंधित 29 गुफाएं हैं, जबकि एलोरा में हिंदू धर्म से संबंधित 34 गुफाएं हैं। यहां बने मंदिरों और मूर्तियों में भारतीय वास्तुकला की अनोखी झलक देखने को मिलती है। अजंता गुफाओं का निर्माण 2वीं शताब्दी में हुआ था, जो भारतीय इतिहास की धरोहर है।
#2
खजुराहो मंदिर
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित खजुराहो मंदिरों को भी यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है। 1,000 साल पुराने ये मंदिर हिंदू और जैन धर्म से संबंधित हैं। इनमें 85 मंदिर और 25 मूर्तियां शामिल हैं। खजुराहो के मंदिर अपनी वास्तुकला और मूर्तिकला के लिए मशहूर हैं। यहां की दीवारों पर उकेरी गई मूर्तियां जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती हैं। यह स्थल भारतीय संस्कृति और कला का अद्भुत नमूना हैं।
#3
हम्पी
कर्नाटक में स्थित हम्पी भी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जिसकी सुंदरता देखते ही बनती है। यह प्राचीन विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी। यहां कई मंदिर, महल और स्मारक हैं, जो इस साम्राज्य की समृद्धि और संस्कृति को दर्शाते हैं। हम्पी का मुख्य आकर्षण विरुपाक्ष मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित है। इसके अलावा यहां बने हिजरी, विटला मंदिर, पत्थर का रथ और प्राचीन बाजार भी देखने लायक हैं।
#4
लाल किला
दिल्ली का लाल किला भी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है, जिसे आपने कभी न कभी जरूर देखा होगा। यह मुगल वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है और यह भारतीय इतिहास में अहम स्थान रखता है। लाल किले का निर्माण 1638 में हुआ था और यह मुगल साम्राज्य की राजधानी रहा है। यहां की दीवारें और दरवाजे संगमरमर और बलुआ पत्थर से बने हुए हैं। यह स्थल भारतीय इतिहास की अनमोल धरोहर है।
#5
कांचीकोइल
तमिलनाडु में स्थित कांचीकोइल को यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है। यह प्राचीन मंदिरों और वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है। यहां के ब्रहादिश्वर मंदिर में भगवान शिव की 4 मीटर ऊंची मूर्ति है, जो दुनिया की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा मानी जाती है। इसके अलावा यहां 1000 से अधिक प्राचीन मंदिर भी हैं। इन सभी स्थलों पर जाकर आप भारतीय इतिहास, संस्कृति और वास्तुकला की अनोखी झलक देख सकते हैं।