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हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं ये 5 प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
हृदय को स्वस्थ रखने वाले प्राणायाम

हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं ये 5 प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

लेखन अंजली
Mar 06, 2026
03:47 pm

क्या है खबर?

हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में प्राणायाम अहम भूमिका निभा सकते हैं। प्राणायाम सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया है। यह न केवल शरीर के लिए, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। सही तरीके से सांस लेने पर शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है और हृदय को सही ढंग से काम करने में मदद मिलती है। आइए आज हम आपको ऐसे प्राणायाम के बारे में बताते हैं, जो हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक हैं।

#1

अनुलोम-विलोम प्राणायाम

अनुलोम-विलोम प्राणायाम के लिए सबसे पहले आरामदायक स्थिति में बैठें। अब दाएं हाथ के अंगूठे से नाक के दाएं छिद्र को बंद करके बाएं छिद्र से सांस लें, फिर दाएं हाथ की अनामिका उंगली से नाक के बाएं छिद्र को बंद करके दाएं छिद्र से सांस छोड़ें। इस दौरान अपनी सांस की गति पर ध्यान दें। यह प्रक्रिया कुछ मिनट तक दोहराने के बाद धीरे-धीरे आंखें खोलें और प्राणायाम का अभ्यास छोड़ दें।

#2

कपालभाति प्राणायाम

कपालभाति प्राणायाम के लिए पहले जमीन पर आराम से बैठें और दोनों हाथों को घुटनों पर रखें। इसके बाद अपनी आंखें बंद करें और अपने पूरे शरीर को ढीला छोड़कर अपने पेट की मांसपेशियों को तेज़ी से अंदर-बाहर करें। इस दौरान गहरी सांस लें और पेट को बाहर की ओर फैलाएं, फिर एक साथ सांस छोड़ें और पेट को अंदर की ओर संकुड़ें। कुछ मिनट इस प्रक्रिया को दोहराएं।

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#3

भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम के लिए पहले जमीन पर आराम से बैठकर अपनी दोनों आंखें बंद करें। अब मुंह बंद करते हुए नाक के दोनों छिद्रों से गहरी सांस लें, फिर एक झटके में पूरी तरह से सांस छोड़ें। सांस छोड़ते समय पेट को तेजी से अंदर की ओर सिकोड़ें। कुछ मिनट इस प्राणायाम का अभ्यास करने के बाद सामान्य हो जाएं। भस्त्रिका प्राणायाम से जुड़े फायदों को समझकर इसका अभ्यास करें।

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#4

भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम के लिए पहले योगा मैट पर आराम से बैठें। अब दोनों हाथों को कोहनियों से मोड़कर कानों के पास लाएं और अंगूठों से अपने कानो को बंद करें, फिर अपने दोनों हाथों की तर्जनी उंगलियों को माथे पर और मध्यमा उंगली को आंखों के मध्य पर रखें। इसके बाद मुंह बंद करें और नाक से सांस लेते हुए ऊंची आवाज में ओम का उच्चारण करें। इस दौरान आपका ध्यान अपने शरीर पर होना चाहिए।

#5

उद्गीथ प्राणायाम

सबसे पहले योगा मैट पर आराम से बैठें और आंखें बंद कर लें। अब दाएं हाथ के अंगूठे से नाक के दाएं छिद्र को बंद करके बाएं छिद्र से गहरी सांस लें, फिर शरीर के किसी भी हिस्से को बिना किसी तनाव के आराम से छोड़ दें। इसके बाद सांस लेते समय 'ओम' का उच्चारण करें। इस दौरान सांस लेने और छोड़ने की गति समान रखें। कुछ मिनट तक इस प्राणायाम का अभ्यास करें।

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