राजस्थान के इन पारंपरिक व्यंजनों को घर पर बनाना है आसान, जानिए रेसिपी
क्या है खबर?
राजस्थान का खान-पान अपने अनोखे स्वाद और खासियत के लिए जाना जाता है। यहां के पारंपरिक व्यंजन न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि इनमें पोषण की भी भरपूर मात्रा होती है। राजस्थान की रसोई में उपयोग किए जाने वाले मसाले और सामग्रियां इसे और भी खास बनाते हैं। आइए आज हम आपको कुछ ऐसे पारंपरिक व्यंजनों की रेसिपी बताते हैं, जिन्हें आप घर पर कुछ ही मिनटों में बना सकते हैं।
#1
दाल बाटी चूरमा
दाल बाटी चूरमा राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध और पारंपरिक व्यंजन है। इसमें दाल की खिचड़ी, गेहूं के आटे की बाटी और मीठा चूरमा शामिल होता है। दाल को तड़का लगाकर बनाया जाता है, जबकि बाटी को घी में डुबोकर खाया जाता है। चूरमा को सूजी, गेंहू का आटा, घी और गुड़ मिलाकर बनाया जाता है। यह व्यंजन न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।
#2
गट्टे की सब्जी
गट्टे की सब्जी भी राजस्थान की एक खास डिश है, जो बेसन के छोटे-छोटे टुकड़ों से बनाई जाती है। इसे मसालेदार दही वाले ग्रेवी में पकाया जाता है। इस सब्जी को बनाने के लिए सबसे पहले बेसन के टुकड़े उबालकर काट लिए जाते हैं, फिर इन्हें मसालों और दही की ग्रेवी में पकाया जाता है। यह सब्जी रोटी या चावल दोनों के साथ अच्छी लगती है और इसका स्वाद बहुत ही अनोखा है।
#3
केर सांगरी
केर सांगरी राजस्थान की एक मशहूर सब्जी है, जिसमें केर यानी खट्टे फलों और सांगरी यानी सूखे फलों का उपयोग किया जाता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले केर और सांगरी को धोकर सुखाया जाता है, फिर इन्हें मसालों के साथ पकाया जाता है। यह सब्जी अपने खट्टे-मीठे स्वाद के लिए जानी जाती है और इसे रोटी या परांठे के साथ खाया जाता है। यह व्यंजन राजस्थान की रसोई का एक अहम हिस्सा है।
#4
घेवर
घेवर राजस्थान की एक प्रसिद्ध मिठाई है, जिसे खासतौर पर त्योहारों पर बनाया जाता है। इसे घी में तले हुए बेसन के घोल से बनाया जाता है, फिर इसे चाशनी यानी शक्कर की चाशनी में डुबोया जाता है। इसके बाद इसमें ऊपर से इलायची और बादाम डालकर सजाया जाता है। इस प्रकार राजस्थान की रसोई अनोखे व्यंजनों से भरी हुई है, जिन्हें घर पर बनाना आसान है। इन व्यंजनों को बनाकर आप अपने परिवार को खुश रख सकते हैं।