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लोग फिट होने के लिए कर रहे हैं 'फेक फास्टिंग', जानिए इसके बारे में सब कुछ

लोग फिट होने के लिए कर रहे हैं 'फेक फास्टिंग', जानिए इसके बारे में सब कुछ

लेखन सयाली
Nov 30, 2025
02:15 pm

क्या है खबर?

लोग वजन घटाने के लिए कई तरह की डाइट का पालन करते हैं, जिनकी लोकप्रियता समय के साथ बढ़ती-घटती रहती है। अब एक नई तरह की डाइट ट्रेंड कर रही है, जिसे 'फेक फास्टिंग' कहा जाता है। यह एक तरह की एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट है, जो पूरी दुनिया के लोगों को पसंद आ रही है। इसमें बिना भूखे रहे या खाना छोड़े भी फास्टिंग यानि उपवास के फायदे मिल सकते हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

मतलब

क्या है फेक फास्टिंग डाइट?

यह खान-पान का तरीका फास्टिंग मिमिकिंग डाइट (FMD) कहलाता है। इसमें थोड़ा-थोड़ा खा कर शरीर को यह विश्वास दिलाना शामिल होता है कि आप उपवास पर हैं। इस डाइट को USC लियोनार्ड डेविस स्कूल के शोधकर्ता प्रोफेसर वाल्टर लोंगो ने तैयार किया था। आमतौर पर यह डाइट 5 दिनों तक चलती है और पौष्टिक भोजन करते हुए वजन घटाने में मदद करती है। इसके जरिए उपवास के लाभ मिल जाते हैं, भूखा नहीं रहना पड़ता और ऊर्जा बनी रहती है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

शोध से सामने आई ये जानकारी

लोंगो ने जो अध्ययन किया, उसके दौरान प्रतिभागियों ने इस डाइट को 3-4 दिन तक अपनाया। इसके बाद वह अपनी सामान्य डाइट लेने लगे थे। उनके खान-पान में आमतौर पर पौधे-आधारित खाद्य पदार्थ शामिल हुआ करते थे। साथ ही उन्हें विटामिन, खनिज और स्वस्थ वसा से भरपूर सप्लीमेंट भी दिए जाते थे। सामने आया कि इस डाइट से मधुमेह व फैटी लिवर के इलाज में मदद मिली, बढ़ती उम्र के लक्षण कम हुए और प्रतिरक्षा मजबूत हुई।

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खान-पान

फेक फास्टिंग के दौरान क्या खाया जा सकता है?

जैसा कि हमने पहले बताया, फेक फास्टिंग के दौरान पौधे-आधारित खाद्य पदार्थ खाए जाते हैं। इस डाइट में कार्ब्स और प्रोटीन कम होते हैं, लेकिन स्वस्थ वसा और फाइबर ज्यादा होता है। आप इस डाइट का पालन करते समय सूप या हर्बल चाय का सेवन कर सकते हैं। इनके अलावा आप सब्जियों का सलाद, मेवे, एनर्जी बार, जूस, स्मूदी और फलियां भी खा सकते हैं। इस डाइट के दौरान आप ताजे फल भी ले सकते हैं।

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फायदे

जानिए इस डाइट के फायदे

अध्ययनों के मुताबिक, महीनों तक फेक फास्टिंग डाइट का पालन करने वाले लोगों की जैविक आयु में औसतन 2.5 साल की कमी देखी गई। यानि कि यह डाइट जैविक आयु को कम करने में मदद करती है। साथ ही यह डाइट शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है और नई कोशिकाओं का निर्माण बढ़ाती है। इसके जरिए शरीर की सूजन कम होती है, वसा जलती है और बीमारियों का खतरा भी कम होता है।

नुकसान

क्या है इस डाइट के नुकसान?

वैसे तो यह डाइट फायदेमंद है, लेकिन इसके कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं। कुछ लोगों के इसकी वजह से सिरदर्द हो सकता है, चक्कर आ सकता है और कमजोरी महसूस हो सकती है। ज्यादा दिनों तक इसका पालन करने से ऊर्जा खतरनाक रूप से कम हो सकती है और शारीरिक क्षमता पर असर पड़ सकता है। कुछ लोग इसे अपनाने के बाद भूखे रह जाते हैं और अस्वास्थ्यकर चीजें खा लेते हैं, जिससे वजन बढ़ सकता है।

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