गिलहरी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य, जिनके बारे में आपने पहले नहीं सुना होगा
क्या है खबर?
गिलहरी एक ऐसा जानवर है, जो दिखने में बेहद प्यारी लगती है। अक्सर पार्कों या पेड़ों पर झूलती हुई यह छोटी-छोटी गिलहरियां बच्चों से लेकर बड़ों तक, सबका मन मोह लेती हैं। इन प्यारी दिखने वाली गिलहरियों की कुछ बातें हैं, जो ज्यादातर लोगों को पता नहीं होती हैं। इस लेख में हम आपको गिलहरियों से जुड़े ऐसे ही कुछ अनोखे तथ्यों के बारे में बताएंगे, जो शायद ही आपने पहले सुने होंगे।
#1
गिलहरी छुपाती है खाना
गिलहरी की एक सबसे दिलचस्प आदत है कि वह अपने खाने को छुपाकर रखती है। जब गिलहरी को अखरोट, बीज या फल मिलते हैं तो वह उन्हें जमीन में गड्ढे खोदकर या पेड़ों के छोरों में छिपा देती है। यह आदत सर्दियों में उनके बहुत काम आती है, जब खाने की कमी होती है। इसके अलावा गिलहरी कभी-कभी भूल जाती है कि उसने कहां-कहां खाना छिपाया था, जिससे कई नए पौधे भी उग जाते हैं।
#2
जन्म के काफी दिनों बाद खुलती हैं आखें
गिलहरी की छोटी-छोटी प्यारी आंखे जन्म के तुरंत बाद नहीं खुलतीं। उनके लिए आंखें खोलने का समय लगभग 7-8 दिन बाद आता है। इस दौरान गिलहरी की मां उसे पूरी तरह से सुरक्षित रखती है और उसकी देखभाल करती है। इस समय गिलहरी के बच्चे पूरी तरह से अंधे होते हैं और धीरे-धीरे अपने आस-पास को समझने लगते हैं, जिससे वे अपने जीवन के पहले चरण में सुरक्षित रह पाते हैं।
#3
ऊंचा कूद सकती हैं गिलहरियां
गिलहरी एक बेहद कुशल कूदने वाली जानवर मानी जाती है। वे बिना किसी कठिनाई के लंबी-लंबी छलांग मार सकती हैं। उनकी यह क्षमता उन्हें पेड़ों पर तेजी से चढ़ने और नीचे उतरने में मदद करती है। इसके अलावा गिलहरी अपने पैरों का उपयोग करके बहुत ही तेजी से जमीन पर दौड़ सकती हैं। उनकी यह कूदने की क्षमता उन्हें शिकारियों से बचाने और अपने भोजन को आसानी से खोजने में मदद करती है।
#4
अकेले रहना पसंद करती हैं गिलहरियां
गिलहरी को अक्सर पेड़ों पर घूमते हुए देखा जाता है, लेकिन वे सामाजिक जानवर नहीं होतीं। मतलब वे अपने समूह या परिवार के साथ ज्यादा समय बिताना पसंद नहीं करतीं। गिलहरी अकेले रहना पसंद करती हैं और अपनी गतिविधियों को खुद ही संचालित करती हैं। हालांकि, जब प्रजनन का समय आता है तब नर और मादा गिलहरी एक साथ ही रहना पसंद करते हैं। इसके बाद मादा गिलहरी अपने बच्चों की देखभाल करती हैं।