इन 5 अंगों के बिना भी रहा जा सकता है जीवित, इनके बारे में जानिए
क्या है खबर?
इंसानों के शरीर में कुल 78 अंग होते हैं, जो अलग-अलग कार्यों के लिए जिम्मेदार होते हैं। हालांकि, जीवित रहने के लिए हमें इन सभी अंगों की जरूरत नहीं होती। इनमें से कुछ ऐसे अंग भी होते हैं, जिनके बिना भी हमारा शरीर कुशलता से काम कर सकता है। आज के लेख में हम आपको ऐसे ही 5 अंगों के बारे में बताएंगे। इनमें पित्ताशय की थैली से लेकर किडनी तक शामिल हैं।
#1
पित्ताशय की थैली
पित्ताशय की थैली एक छोटा अंग है, जो लिवर के नीचे स्थित होता है। इसमें वसा को पचाने में मदद करने के लिए लिवर द्वारा उत्पादित पित्त मौजूद होता है। यह आवश्यक अंग नहीं होता है, जिस कारण इसके बिना भी सामान्य और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। पित्ताशय की थैली हटने के बाद आपका लिवर पित्त को सीधे छोटी आंत में छोड़ने लगेगा। इस दौरान आपको स्वास्थ्य के लिहाज से अपनी डाइट में बदलाव करने की जरूरत होगी।
#2
किडनी
किडनी महत्वपूर्ण अंग हैं, जो रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ स्थित होती हैं। इनका काम होता है रक्त को छानना और अतिरिक्त तरल पदार्थ को मूत्र के माध्यम से बाहर निकालना। सभी के शरीर में 2 किडनी होती हैं, लेकिन एक स्वस्थ किडनी के साथ भी जिंदा रहा जा सकता है। एक किडनी निकलने के बाद आपको नियमित जांच की जरूरत पड़ेगी। हालांकि, दोनों किडनी के खराब होने पर प्रत्यारोपण यानि ट्रांसप्लांट करवाना पड़ता है।
#3
पेट
हम जो भी खाना खाते हैं, वो पचने से पहले हमारे पेट में ही जाता है। इस बात पर यकीन कर पाना मुश्किल है, लेकिन पेट के बिना भी स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। पेट संबंधी समस्याओं के चलते कई लोगों को गैस्ट्रेक्टोमी सर्जरी करवानी पड़ती है, जिसमें पेट का कुछ हिस्सा या पूरा पेट निकाला जाता है। इसके बाद पाचन प्रक्रिया में बदलाव आ जाते हैं और कम मात्रा में ज्यादा बार खाना खाने की जरूरत पड़ती है।
#4
फेफड़ा
फेफड़े महत्वपूर्ण अंगों में से एक होते हैं, जिनके बिना सांस लेना असंभव होता है। हालांकि, एक फेफड़ा निकलने के बाद भी व्यक्ति एक फेफड़े के सहारे जीवन बिता सकता है। इसके लिए शरीर बचे हुए फेफड़े से ज्यादा कार्य करवाता है, ताकि सामान्य तरीके से सांस ली जा सके। हालांकि, एक फेफड़ा निकलने के बाद सांस लेने में थोड़ी कठिनाई हो सकती है और आसानी से सांस फूल भी सकती है।
#5
बड़ी आंत
बड़ी आंत पाचन तंत्र का अंतिम हिस्सा होती है, जो अपचित भोजन से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स को अवशोषित करती है। साथ ही यह मल बनाने और उसे शरीर से बाहर निकालने का भी काम करती है। इन आवश्यक कार्यों के लिए जिम्मेदार होने के बाद भी बड़ी आंत के बिना जिंदा रहा जा सकता है। इसके निकलने के बाद मरीज को बार-बार मल त्याग करने की जरूरत पड़ सकती है और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाइयां खानी पड़ सकती हैं।