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क्या शक्कर से सच में बढ़ जाता है बच्चों का ऊर्जा का स्तर? जानिए इसकी सच्चाई
बच्चों के ऊर्जा स्तर और शक्कर का संबंध

क्या शक्कर से सच में बढ़ जाता है बच्चों का ऊर्जा का स्तर? जानिए इसकी सच्चाई

लेखन सयाली
Mar 06, 2026
01:24 pm

क्या है खबर?

बच्चों को मीठे खाद्य पदार्थ खिलाने से माता-पिता अक्सर चिंतित रहते हैं। उनका मानना है कि शक्कर का सेवन करने से बच्चों में ऊर्जा का उछाल होता है, जिससे वे अधिक सक्रिय और चिड़चिड़े हो जाते हैं। हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह पूरी तरह सही नहीं है। आइए इस भ्रम की सच्चाई जानते हैं, ताकि आप अपने बच्चों की खान-पान की आदतों को बेहतर बना सकें और बच्चों की देखभाल सही ढंग से की जा सके।

#1

क्या कहता है यह मिथक?

शक्कर से ऊर्जा के उछाल का मतलब है कि जब बच्चे मीठे खाद्य पदार्थ खाते हैं, तो उनमें अचानक से ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है और वे अधिक सक्रिय हो जाते हैं। इससे वे चिड़चिड़े या अजीब व्यवहार करने लगते हैं। यह स्थिति आमतौर पर चॉकलेट या मीठे पेय पदार्थों के सेवन के बाद होती है। इसके दौरान वे दौड़ना-भागना और ज्यादा हसना शुरू कर सकते हैं। साथ ही वे अचानक से थक भी जाते हैं।

#2

क्या सच में होता है ऊर्जा का उछाल?

वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि शक्कर से ऊर्जा का उछाल होना एक भ्रम है। दरअसल, शक्कर में कैलोरी होती है, जो ऊर्जा देती है। हालांकि, इसका सीधा संबंध बच्चे के व्यवहार से नहीं होता। जब बच्चे अधिक मीठा खाते हैं, तो उनमें ऊर्जा की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे उनकी सक्रियता बढ़ सकती है। हालांकि, यह वृद्धि थोड़े समय के लिए ही होती है और फिर सामान्य हो जाती है।

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#3

शक्कर और व्यवहार में बदलाव

बच्चों का व्यवहार उनके खाने-पीने पर निर्भर करता है। जब वे अधिक मीठा खाते हैं तो उनमें ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है, लेकिन इससे उनका व्यवहार प्रभावित नहीं होता। कई बार माता-पिता यह सोचते हैं कि बच्चे चिड़चिड़े या अजीब व्यवहार कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने मीठी चीजें खाई होती हैं। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि उनका व्यवहार सिर्फ मीठे खाने से ही बदलता हो।

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#4

सेहत पर असर

ज्यादा मात्रा में मीठे खाद्य पदार्थ खाने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है, जैसे कि मोटापा, दांतों की समस्याएं या मधुमेह की बीमारी। इसलिए, बच्चों को संतुलित आहार देना जरूरी है। बच्चों को प्राकृतिक मिठास वाली चीजें खिलाएं, जैसे फल या शहद, जो उनके लिए फायदेमंद होते हैं और उनमें पोषक तत्व भी होते हैं। इस तरह बच्चे मीठे का आनंद भी ले सकते हैं और उनकी सेहत भी सही रहेगी।

#5

संतुलित आहार का महत्व

बच्चों को संतुलित आहार देना बहुत जरूरी है, ताकि वे सभी जरूरी पोषक तत्व पा सकें। मीठी चीजें कभी-कभी देने में कोई हर्ज नहीं होता, लेकिन उन्हें नियमित रूप से नहीं देना चाहिए। इसके अलावा बच्चों को पानी पीने की आदत डालें और उन्हें स्वस्थ पेय पदार्थ पिलाएं। इस प्रकार शक्कर से ऊर्जा का उछाल केवल एक भ्रम है, जिसे हमें समझना जरूरी है, ताकि हम अपने बच्चों की सेहत का ध्यान रख सकें।

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