
केरल के खूबसूरत मसाला बागान, जानें इन्हें अपनी यात्रा में शामिल करने के तरीके
क्या है खबर?
केरल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। यहां की मसाला बागानें भी एक खास आकर्षण हैं।
ये बागान न केवल सुगंधित मसालों का उत्पादन करते हैं, बल्कि पर्यटकों को एक अनोखा अनुभव भी प्रदान करते हैं।
इस लेख में हम आपको केरल की इन छुपी हुई खजानों के बारे में बताएंगे और कैसे आप इन्हें अपने यात्रा कार्यक्रम में शामिल कर सकते हैं।
#1
मुन्नार: हरी-भरी चाय और मसाला बागान
मुन्नार अपने चाय बागानों के लिए मशहूर है, लेकिन यहां की मसाला बागानें भी कम नहीं हैं। यहां आप इलायची, काली मिर्च और दालचीनी जैसी कई मसालों की खेती देख सकते हैं।
इन बागानों में घूमते हुए आप ताजगी भरी हवा का आनंद ले सकते हैं और साथ ही स्थानीय गाइड से इनकी खेती प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
मुन्नार का शांत वातावरण और हरियाली आपके मन को शांति प्रदान करेगी।
#2
थेक्कडी: वन्यजीवों के बीच मसालों का संसार
थेक्कडी अपने पेरियार वन्यजीव अभयारण्य के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां की मसाला बागानें भी देखने लायक होती हैं।
यहां पर आप जायफल, लौंग और हल्दी जैसी कई प्रकार की जड़ी-बूटियों को देख सकते हैं।
थेक्कडी में स्थित ये बागान आपको प्रकृति से जुड़ने का मौका देते हैं, जहां आप वन्यजीवों की आवाज़ों के बीच ताजगी भरे माहौल का आनंद ले सकते हैं।
#3
वायनाड: पहाड़ियों पर बसे सुगंधित खेत
वायनाड अपनी पहाड़ी सुंदरता और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है।
यहां पर स्थित मसाला बागानों में काली मिर्च, इलायची और अदरक जैसे कई प्रकार के मसाले उगाए जाते हैं।
वायनाड की ठंडी जलवायु इन फसलों को उगाने के लिए आदर्श होती है। इस क्षेत्र में घूमते हुए आपको स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
#4
कुमारकोम: बैकवाटर्स संग सुगंधित सफर
कुमारकोम अपने बैकवाटर्स के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके आसपास के मसाला बागान भी खास आकर्षण होते हैं।
यहां करी पत्ते, हल्दी और अन्य जड़ी-बूटियों को देख सकते हैं, जो स्थानीय व्यंजनों को स्वादिष्ट बनाते हैं।
नाव यात्रा करते हुए इन खेतों तक पहुंचना एक अनोखा अनुभव होता है। इन स्थानों पर जाकर न केवल आपको ताजगी भरा अनुभव मिलेगा बल्कि भारतीय रसोईघर में इस्तेमाल होने वाले मसालों की जानकारी भी प्राप्त होगी।