राजस्थान के 5 पारंपरिक पेय, जिनका स्वाद चखते ही दिल हो जाएगा खुश
क्या है खबर?
राजस्थान अपने समृद्ध इतिहास, सांस्कृतिक धरोहर और राजसी महलों के लिए जाना जाता है। यहां के पारंपरिक पेय भी अपनी ताजगी और स्वाद के लिए उतने ही मशहूर हैं। इन पेय में स्थानीय सामग्रियों का उपयोग किया जाता है और ये सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं। आइए आज हम आपको राजस्थान के 5 पारंपरिक पेय की रेसिपी बताते हैं, जिनका स्वाद और पौष्टिकता आपको एक अलग ही अनुभव देंगे।
#1
लस्सी
राजस्थान की लस्सी अपने अनोखे स्वाद और गाढ़ेपन के लिए जानी जाती है। यह दही से बनाई जाती है, जिसमें मलाई, चीनी और इलायची मिलाए जाते हैं। कभी-कभी इसमें केसर या बादाम भी डाले जाते हैं, जो इसके स्वाद को और भी खास बना देते हैं। गर्मियों में यह पेय शरीर को ठंडक देने और ताजगी देने में मदद करता है। इसके साथ ही यह पाचन के लिए भी फायदेमंद है।
#2
जलजीरा
जलजीरा एक लोकप्रिय राजस्थानी पेय है, जो आमतौर पर गर्मियों में पीया जाता है। इसका मुख्य घटक जीरा है, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। जलजीरा बनाने के लिए जीरे के साथ-साथ नींबू का रस, पुदीने की पत्तियां, काला नमक, भुना हुआ जीरा पाउडर, काला नमक, चीनी और ठंडा पानी आदि को एक साथ मिला लिया जाता है। आप चाहें तो इसमें बर्फ और अन्य मसाले भी मिला सकते हैं।
#3
आम पन्ना
राजस्थान में कच्चे आम से लजीज आम पन्ना भी बनाया जाता है, जो ताजगी से भरपूर होता है। आप इसको आसानी से घर पर बना सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले कच्चे आमों को धोकर भिगो लें और कुकर में उबाल लें। ठंडा होने के बाद इन्हें छील लें और इनके बीज हटाकर गूदे को कटोरे में निकालें। इसमें चीनी, जीरा पाउडर, काला नमक, काली मिर्च का पाउडर, नमक, पानी और पुदीने के पत्ते डालकर पीस लें।
#4
बाजरे की राबड़ी
बाजरे की राबड़ी बाजरे के आटे और छाछ से बना एक राजस्थानी पेय है, जिसको फरमेंट करके तैयार किया जाता है। यह पेय प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है, जिसकी वजह से स्थानीय लोग इसे ऊर्जा बढ़ाने के लिए खान-पान में शामिल करते हैं। एक मिट्टी के बर्तन में छाछ, बाजरे का आटा, जीरा, नमक और पानी को अच्छी तरह फेंट लें। इसे धीमी आंच पर उबालें और उबाल आने के बाद इसे ठंडा करके पिएं।
#5
ठंडाई
ठंडाई राजस्थान समेत कई राज्यों में लोकप्रिय पेय है, जिसे विशेष अवसरों पर बनाया जाता है। इसे ठंडा करके परोसा जाता है। ठंडाई बनाने के लिए बादाम, पिस्ता, गुलाब जल, काली मिर्च और सौंफ जैसी सामग्रियां मिलाई जाती हैं। यह पेय गर्मियों में शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ ताजगी भी प्रदान करता है। इन सभी पारंपरिक पेयों का स्वाद और पौष्टिकता राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर का अहम हिस्सा हैं।