हमेशा दूसरों को खुश करने की कोशिश करते रहते हैं? इस तरह छूटेगी यह आदत
क्या है खबर?
कई लोग 'पीपल प्लीजर' होते हैं, यानि उन्हें दूसरों को खुश करने की आदत होती है। यह एक व्यवहारिक पैटर्न है, जो बचपन में शुरू होता है। लोगों को लगने लगता है कि उन्हें प्यार और सुरक्षा तभी मिलेगी, जब वे दूसरों की उम्मीदों को पूरा कर पाएंगे। ऐसे में वे किसी को 'न' नहीं कह पाते और खुद से ज्यादा उनकी जरूरतों को प्राथमिकता देने लगते हैं। इस आदत को छोड़ने में ये टिप्स आपकी मदद कर सकती हैं।
#1
परेशानी को पहचानें
सुधार करने से पहले आपको इस बात को स्वीकार करने होगा की आपको यह आदत है। इस बात पर ध्यान दें कि कैसे जब आप न कहना चाहते हैं, लेकिन आदतन हां कह देते हैं। जब ऐसा हो तो अपनी भावनाओं को भी समझें। ऐसा करने से आपको समझ आएगा कि आप खुद से ज्यादा दूसरों के बारे में सोच रहे हैं। साथ ही आप हर वक्त लोगों का वेलिडेशन भी चाहते हैं, यानि उन्हें राजी-खुश रखना चाहते हैं।
#2
हर बात पर हां कहना बंद करें
लोगों को खुश करने की आदत बदलने के लिए पहले हर बात पर हां कहना बंद करें। जब आपको किसी की बात अच्छी न लगे या आपके पास समय न हो तो न कहने से कतराएं नहीं। लोगों की बातों का जवाब देने से पहले कुछ सेकंड सोचें, जिससे आप स्वाभाविक रूप से हां नहीं बोलेंगे। अगर आप न नहीं कह पाते तो 'मैं इस बारे में सोचूंगा' बोलें। किसी को भी न कहने के बाद सफाई न दें।
#3
सीमाएं तय करें
जब आप न कहना सीख जाएं तो लोगों के लिए कुछ सीमाएं तय करें। उन्हें महसूस करवाएं कि आपका समय भी कीमती है और आपको उनकी स्वीकृति की जरूरत नहीं है। जब कोई आपसे जबरदस्ती बात मनवाने की कोशिश करे तो भी अपनी बात पर टिके रहें। इससे लोगों के बीच आपकी बात और समय की भी कीमत बढ़ेगी और वे आपको हल्के में लेना बंद कर देंगे। इससे आपकी आधी समस्या हल हो जाएगी।
#4
अपनी जरूरतों को ऊपर रखें
लोगों के बारे में सोचने के बजाय आपको अपने आपको ऊपर रखना होगा। ऐसा करके आप हर वक्त औरों को नहीं, बल्कि खुद को खुश करने के बारे में सोचेंगे। यह समझने के लिए समय लें कि आपके लिए क्या जरूरी है। हर बात पर हां कहने से पहले खुद से पूछें कि आप क्या चाहते हैं। वही काम करें, जिनसे आपको खुशी मिले। यह बात मान लें कि आप हर किसी को खुश नहीं कर सकते।
#5
अच्छे लोगों के साथ उठें-बैठें
आप जिन लोगों के साथ उठते-बैठते हैं, उन्हें भी आपकी इस आदत को बदलने में आपका सहयोग करना चाहिए। अच्छे रिश्ते वही होते हैं, जो आपका फायदा उठाने के बजाय आपका भला चाहें। ऐसे लोगों से दोस्ती रखें, जो आपके न कहने पर गुस्सा न करें और आपकी बातों को भी समझें। ध्यान दें कि आपके दोस्त भी आपको खुश करने की कोशिश करते हैं या केवल आप ही उनके लिए हर वक्त उपलब्ध रहते हैं।