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क्या आपका बच्चा बहुत शर्मीला है और ज्यादा बात नहीं करता? इस तरह बनाएं सामाजिक

क्या आपका बच्चा बहुत शर्मीला है और ज्यादा बात नहीं करता? इस तरह बनाएं सामाजिक

लेखन सयाली
Jan 23, 2026
01:29 pm

क्या है खबर?

अगर आपका बच्चा बहुत शर्मीला है और ज्यादा बात नहीं करता है तो यह उसके सामाजिक विकास के लिए चिंता का विषय हो सकता है। बच्चों का शर्मीला होना आम बात है, लेकिन अगर यह आदत बन जाए तो उनके आत्मविश्वास पर बुरा असर पड़ सकता है। इस लेख में हम कुछ प्रभावी तरीके बताएंगे, जिनसे आप बच्चे को सामाजिक बना सकते हैं। इन तरीकों से आपका बच्चा नए दोस्त बना पाएगा और विचारों को बेहतर तरीके से व्यक्त करेगा।

#1

बातचीत को बढ़ावा दें

बच्चों के साथ खुलकर बात करना बहुत जरूरी है। उन्हें अपनी बातें साझा करने का मौका दें और उनकी बातों को ध्यान से सुनें। इससे वे महसूस करेंगे कि उनकी राय महत्वपूर्ण है और वे अधिक खुलकर बोल पाएंगे। जब वे बात कर रहे हों तो उन्हें चुप न करवाएं। आप उनके साथ खेलते समय या पढ़ाई करते समय भी उनसे सवाल पूछ सकते हैं और उन्हें प्रोत्साहित कर सकते कि वे अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करें।

#2

छोटे समूहों में शामिल करें

बच्चों को छोटे समूहों में शामिल करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ सकता है। स्कूल या घर पर उनके दोस्तों के साथ खेलना या पढ़ाई करना उन्हें अधिक आरामदायक महसूस करा सकता है। इससे वे धीरे-धीरे बड़े समूहों में भी आसानी से शामिल हो पाएंगे। छोटे समूहों में बातचीत करने से बच्चों को अपनी बात कहने का मौका मिलता है और उनकी झिझक भी खत्म हो जाती है। इससे उनका सामाजिक विकास भी बेहतर होता है।

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#3

खेल-कूद का सहारा लें

खेल-कूद बच्चों के लिए एक अच्छा तरीका हो सकता है, जिससे वे खुलकर बोलना सीख सकते हैं। क्रिकेट और फुटबॉल आदि जैसे टीम वाले खेलों में भाग लेने से बच्चे एक-दूसरे के साथ बातचीत करते हैं और नए दोस्त बनाते हैं। इससे न केवल वे बात करना सीखते हैं, बल्कि उनका शारीरिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। खेल-कूद के दौरान बच्चे एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं, जिससे उनका सामाजिक कौशल भी विकसित होता है।

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#4

किताबें पढ़ने की आदत डालें

किताबें पढ़ने से बच्चों की शब्दावली और विचार व्यक्त करने की क्षमता बढ़ती है। उन्हें रोजाना कुछ मिनट किताब पढ़ने की आदत डालें, जिससे वे नए शब्द सीख सकें और उनका उच्चारण भी स्पष्ट हो। किताबें पढ़ने से बच्चों का ज्ञान भी बढ़ता है और वे अलग-अलग विषयों पर चर्चा करने में सक्षम हो पाते हैं। इतना ही नहीं, किताबें पढ़ने से उन्हें चीजों पर ध्यान लगाने में भी मदद मिलती है।

#5

सकारात्मक प्रोत्साहन दें

जब भी आपका बच्चा कुछ बोलता है या कोई नया दोस्त बनाता है, तो उसकी तारीफ करें और उसे प्रोत्साहित करें। इससे वह खुद पर विश्वास बनाए रखेगा और आगे भी खुलकर बोलेगा। सकारात्मक प्रोत्साहन देने से बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह नए अनुभवों के लिए तैयार रहता है। इस प्रकार इन सरल तरीकों से आप अपने बच्चे को अधिक सामाजिक बना सकते हैं और उसकी शर्मीलापन की आदत को सुधार सकते हैं।

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