सरसों का साग बन जाएगा और भी लजीज, बस अपनानी होंगी ये कुकिंग टिप्स
क्या है खबर?
सरसों के साग को सर्दियों का पर्याय कहा जा सकता है। इस मौसम में सभी के घरों में यह पारंपरिक पकवान बनता है। घी वाले गर्मा-गर्म साग के साथ मक्खन लगी मक्के की रोटी खाने का मजा कुछ और ही होता है। साग का स्वाद तो ऐसे ही लाजवाब होता है, लेकिन अगर आप इसे इस तरह बनाएंगे तो जायका दोगुना हो जाएगा। खान-पान के ये टिप्स साग में ऐसा स्वाद जोड़ेंगे, जिसे चखने के बाद आप इसे बार-बार बनाएंगे।
#1
ताजा पत्तियां चुनें
पारंपरिक रूप से सरसों का साग केवल सरसों की पत्तियों से बनाया जाता है। हालांकि, साग का स्वाद तभी असल मायने में लाजवाब लगेगा जब आप इसमें अन्य हरी सब्जियां भी शामिल करेंगे। आप इसमें पालक, बथुआ, मेथी और मूली के पत्ते आदि भी मिला सकते हैं। आपको केवल ताजा पत्तियां ही चुननी चाहिए और उन्हें साफ करके खराब पत्तियां हटा देनी चाहिए। ताजा पत्तियों में कड़वापन कम होता है, जिससे साग स्वादिष्ट बनता है।
#2
साग को धीरे-धीरे पकाएं
असली स्वाद पाने के लिए आपको साग को धीरे-धीरे और देर तक पकाना चाहिए। इसे 'बीरबल की खिचड़ी' समझें और घोट-घोट कर अच्छी तरह पकाते जाएं। ऐसा करने से साग पूरी तरह नरम हो जाएगा और उसमें कच्चा स्वाद नहीं रहेगा। पकाते वक्त साग को बीच-बीच में मिलाते भी रहें। देर तक पकाने से सभी हरी सब्जियों के प्राकृतिक रस अच्छी तरह निकलेंगे, जो आपके पकवान को रसीला और लजीज बना देंगे।
#3
ज्यादा मसाले न डालें
सरसों के साग का सादा स्वाद ही उसकी पहचान है, जो उसे सबका पसंदीदा बना देता है। ऐसे में आपको इस पकवान में बहुत ज्यादा मसाले शामिल नहीं करने चाहिए। इसमें केवल अदरक, लहसुन, हरी मिर्च, नमक, हल्दी, धनिया पाउडर, जीरा और गरम मसाला ही मिलाएं। साग को अच्छी तरह पकाने और स्वाद लाने के लिए इसमें नमक शामिल करें। आप इसे गाढ़ा करने के लिए इसमें थोड़ा-सा मक्के का आटा मिला सकते हैं।
#4
तड़का लगाएं
साग के पक जाने के बाद उसमें तड़का लगाया जाता है, जिससे वह और जायकेदार बन जाता है। पारंपरिक रेसिपी के हिसाब से इसमें घी का तड़का लगाना चाहिए, जो पोषण और स्वाद को बढ़ा देता है। एक बड़े चम्मच में घी गर्म करें और उसमें लहसुन, सूखी लाल मिर्च, सूखे मसाले और प्याज डालकर भूनें। अब इसे साग में डाल दें और अच्छी तरह मिलाएं। आप तड़के में टमाटर भी डाल सकते हैं, जो इसमें खट्टापन जोड़ देंगे।